दिल्ली में मॉनसून से पहले भूजल स्तर में सुधार लाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने व्यापक वर्षा जल संचयन अभियान शुरू किया है। इसके लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए जल बोर्ड पहले चरण में सरकारी भवनों में 500 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करेगा। साथ ही 1000 निष्क्रीय पड़ी प्रणालियों को पुनर्जीवित किया जाएगा।
यह अभियान निगम, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड, शिक्षा निदेशालय तथा अन्य सरकारी विभागों के भवनों में चलाया जाएगा। बता दें कि राजधानी में वर्ष 2001 से 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉटों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाना अनिवार्य है। इसके बाद हजारों संरचनाएं स्थापित भी की गईं, लेकिन पर्याप्त रखरखाव के अभाव में इनमें से कई में स्थापित ऐसी प्रणाली निष्क्रिय हो गईं।
वर्तमान में दिल्ली के 9,148 सरकारी भवनों में से लगभग 7,596 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मौजूद हैं। जल बोर्ड ने अब इन सभी संरचनाओं को प्रभावी और कार्यशील बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है ताकि आगामी मॉनसून के दौरान वर्षा जल का अधिकतम संचयन और भूजल पुनर्भरण हो सके।
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि प्रारंभिक खर्च जल बोर्ड खुद उठाएगा, जिसे बाद में संबंधित विभागों से वसूल किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया तत्काल शुरू की जा रही है। जून 2026 के प्रथम सप्ताह में कार्य आवंटित किए जाएंगे तथा प्रथम चरण के सभी कार्य 30 जून तक पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान से प्रतिवर्ष करीब 733 मिलियन लीटर जल का भूजल पुनर्भरण हो सकेगा।
इस परियोजना के कार्यान्वयन और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित कर रहा है। इसके माध्यम से रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की स्थापना, अनुपालन और रखरखाव की निगरानी की जाएगी। जल बोर्ड ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यान्वयन, प्रचार-प्रसार और रखरखाव के लिए 59 सेवा प्रदाताओं को सूचीबद्ध भी किया है।
प्रवेश साहिब सिंह, मंत्री, ”जल संरक्षण केवल गर्मियों या मॉनसून का विषय नहीं है, बल्कि इसे जन-आंदोलन बनाना होगा। दिल्ली में गिरने वाली वर्षा की हर बूंद एक मूल्यवान संसाधन है और हमारी जिम्मेदारी है कि उसे व्यर्थ बहने देने के बजाय संरक्षित कर भूजल के रूप में वापस धरती में पहुंचाया जाए।”


