एमडी-एमएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा परसेंटाइल में बड़ी कटौती किए जाने के बाद मध्य प्रदेश में दाखिले की रफ्तार तेज हो गई है। NEET PG काउंसलिंग के तहत 1400 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है। 16 फरवरी को सीटों का आवंटन किया जाएगा, जबकि चयनित अभ्यर्थी 17 से 19 फरवरी के बीच प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों के अनुसार रिक्त सीटों में अधिकतर आरक्षित वर्ग की हैं। इनमें भी गैर-चिकित्सकीय (नॉन-क्लीनिकल) विषयों की सीटें ज्यादा होने के कारण यह कहना मुश्किल है कि आवंटन के बाद सभी सीटें भर जाएंगी।
इस तरह तय हुआ नया परसेंटाइल
- अनारक्षित वर्ग : 7 परसेंटाइल
- दिव्यांग अभ्यर्थी : 5 परसेंटाइल
- एससी, एसटी एवं ओबीसी : न्यूनतम परसेंटाइल शून्य
गौरतलब है कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET PG में पहली बार परसेंटाइल इतना कम किया गया है।
शासकीय व निजी कॉलेजों में सीटों की स्थिति
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने रिक्त सीटों का विस्तृत चार्ट जारी किया है। इसके अनुसार:
- 13 शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 344 सीटें रिक्त
- निजी मेडिकल कॉलेजों में 877 सीटें खाली
शासकीय कॉलेजों में अधिकांश रिक्त सीटें इंस्टीट्यूशनल कोटे की हैं। यह कोटा मध्य प्रदेश के मूल निवासी और राज्य से एमबीबीएस करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित होता है। इनके अभाव में अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को अवसर दिया जाता है।
वहीं, निजी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे की 137 सीटें खाली हैं।
मॉप-अप राउंड में और अवसर
काउंसलिंग कमेटी के सदस्यों के मुताबिक परसेंटाइल घटने के बाद NTA से और अभ्यर्थियों की सूची आने की संभावना है, जिन्हें प्रवेश का अवसर दिया जाएगा।


