हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की विशेष अपील को खारिज करते हुए मोटर दुर्घटना दवा अधिकरण पिथौरागढ़ के मुआवजा देने के आदेश को सही ठहराया है।
कोर्ट ने माना कि हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ था, इसलिए मृतक के परिवार को 28 लाख से अधिक भुगतान करना होगा।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में परिवहन निगम की विशेष अपील पर सुनवाई हुई।
दरअसल, सात जुलाई 2011 को भारतीय सेना के पांच गार्ड्स रेजीमेंट में नायक गणेश सिंह उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस में सवार होकर बरेली से टनकपुर जा रहे थे।
बरेली-पीलीभीत रोड पर लालौरी खेड़ा तिराहा के पास बस चालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। इस हादसे में गणेश सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए और अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
निगम की ओ से कोर्ट में तर्क दिया गया कि हादसा साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में हुआ था, कोर्ट ने कहा कि ड्राइवर की लापरवाही से हादसे के प्रमाण हैं।
निगम की ओर से बस चालक को गवाह के रूप में पेश नहीं किया गया, जो घटना का मुख्य गवाह हो सकता था।
साक्ष्यों के अभाव में निगम का साइकिल सवार वाला दावा साबित नहीं हुआ तो ट्रिब्यूनल ने 28.91 लाख का मुआवता तय किया था। कोर्ट ने इसे सही ठहराया है।


