राजीव चौक अंडरपास एक बार फिर लोगों की आवाजाही के लिए बंद हो गया है। बड़ी संख्या में बेघरों ने अंडरपास के चारों छोर पर डेरा जमा लिया है। सुरक्षा के इंतजाम न होने के चलते पैदल यात्री इससे न गुजरकर जान हथेली पर रखकर व्यस्ततम चौराहा पार कर रहे हैं। वर्षा के बाद जिला प्रशासन ने यहां की साफ-सफाई कराकर इसे पैदल यात्रियों के आवागमन के लिए खोला था।
राजीव चौक शहर का व्यस्ततम चौराहा है। यहां से प्रतिदिन एक लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। इनके बीच हजारों की संख्या में पैदल यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते हैं। 2018 में पैदल यात्रियों के लिए एनएचएआइ ने यहां पर अंडरपास और फुट ओवरब्रिज बनाया था। लेकिन कुछ साल यह सुचारु रहने के बाद बंद पड़े हुए हैं।
फुट ओवरब्रिज के एस्केलेटर खराब होने से इक्का-दुक्का लोग ही इस्तेमाल करते हैं। दूसरी ओर वर्षा के दिनों में अंडरपास में पानी भरा जाता है, इसलिए कई महीनों तक यह बंद रहता है। पिछले साल भी वर्षा के सीजन में इसमें कई फीट तक जलभराव रहा था। सितंबर में जिला प्रशासन ने मलबा हटवाकर इसे सुचारु किया था, लेकिन कुछ समय बाद ही इसमें बेघरों का फिर से जमावड़ा होने लगा है।
यह अंडरपास अनाज मंडी, नाहरपुर रूपा, बीएसएनल कांप्लेक्स, मेदांता अस्पताल, सिविल कोर्ट, पुलिस कमिश्नर आफिस और देवीलाल स्टेडियम की तरफ भी खुलता है। चारों तरफ अंडरपास के छोर पर बेघरों ने अपना जमावड़ा लगाया हुआ है। यहां वह रहते हैं और आसपास चौराहाें पर भीख मांगते हैं।
चारों तरफ इनके जमावड़े के कारण पैदल यात्री इससे होकर जाने से घबराते हैं और चौराहे को पैदल पार करने के लिए मजबूर होते हैं। ट्रैफिक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इसको लेकर संबंधित विभाग के साथ पत्राचार किया जाएगा। जल्द ही इसे साफ कराकर पैदल यात्रियों के लिए सुचारु बनाया जाएगा।


