चंडीगढ़ में फ्लेक्सी टिकट नीति अप्रैल से, पंचकूला-मोहाली में पहले से है लागू; क्या होंगे फायदे?
यूटी प्रशासन ने दर्शकों की मांग के हिसाब से फिल्म की टिकट का रेट कम और ज्यादा करने की नीति तैयार कर ली है। प्रशासन ने आबकारी विभाग से इस पर सुझाव मांगे हैं। प्रशासन के अनुसार, अप्रैल माह से इस नीति को लागू कर दिया जाएगा। इस नीति को लेकर गृह सचिव ने आबकारी विभाग से कुछ सवाल पूछे थे।
पहली बार पंजाब व हरियाणा की तर्ज पर यह नीति बनाई जा रही है जबकि अभी तक के नियम के अनुसार चंडीगढ़ में सिनेमा स्क्रीन चलाने वालों को साल में सिर्फ दो बार ही रेट कम ज्यादा और कम करने का अधिकार था। अब नियम में बदलाव होने से शहरवासियों को राहत भी मिलेगी।
क्योंकि सिनेमा मालिक वीकेंड को छोड़कर बाकी दिनों में फिल्म की मांग के अनुसार रेट कम करना चाहते हैं, लेकिन अभी तक वह ऐसा नहीं कर पा रहा था। प्रशासन के अनुसार इस नीति के लागू होने से लोगों को तो राहत मिलेगी इसके साथ ही सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा।
18 फीसदी जीएसटी का राजस्व प्रशासन को
प्रशासन के अनुसार, अभी तक एक ही तरह का रेट लागू होता है, जिसमें वीकेंड और आम दिनों के बीच फिल्म के रेट में कोई फर्क नहीं होता है। नए सिस्टम से जो रेट बढ़ाने की कैपिंग लगी हुइ है वह हट जाएगी। हर टिकट पर प्रशासन को 18 फीसद का जीएसटी राजस्व के तौर पर मिलता है।
बता दें कि इस समय एयरलाइंस और शताब्दी के रेट भी मांग के अनुसार ही कम और ज्यादा होते हैं। इस समय हर तरह की फिल्म का रेट एक जैसा होता है लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद फिल्म के हिसाब से रेट लागू होंगे। ट्राईसिटी में मोहाली और पंचकूला में फिल्म की टिकट पर फलेक्सी नीति ही लागू है जबकि चंडीगढ़ में ऐसा नहीं है। संपदा विभाग के अनुसार इस नीति के लागू होने से प्रशासन का राजस्व कम नहीं बल्कि बढ़ेगा।


