घरौंडा में चोरों का तांडव, रेलवे रोड पर एक साथ 10-12 दुकानों के ताले तोड़े; लाखों की नकदी और सामान चोरी
रेलवे रोड पर वीरवार की अल सुबह चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। बेखौफ चोरों ने एक ही रात में रेलवे रोड स्थित करीब 10 से 12 दुकानों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की नगदी, मोबाइल फोन व अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें चोर वारदात को अंजाम देते नजर आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार वीरवार तड़के करीब 2 बजे चोरों ने रेलवे रोड पर अपनी वारदात शुरू की। सबसे पहले चोरों ने एक पेंट की दुकान को निशाना बनाया, जहां दुकान के अंदर का शीशा तोड़कर गल्ले में रखी करीब 7 से 8 हजार रुपये की नगदी चुरा ली। इसके बाद चोरों ने सामने स्थित लगातार आठ दुकानों के ताले तोड़ दिए और दुकानों के भीतर घुसकर गल्लों से नगदी व एक दुकान से नोटों के हारों की माला चोरी कर ली।
चोर इतने पर ही नहीं रुके और आगे स्थित अन्य दुकानों के ताले तोड़ने का प्रयास करते रहे। गनीमत यह रही कि कुछ दुकानों के ताले नहीं टूट पाए, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। इसके बाद चोर शिव मंदिर चौक की ओर बढ़े, जहां एक मोबाइल की दुकान में सेंध लगाकर रिपेयर के लिए रखे गए कई पुराने व नए मोबाइल फोन चोरी कर लिए।
सुबह जब दुकानदार रोजाना की तरह अपनी दुकानें खोलने पहुंचे तो टूटे हुए ताले और बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए। एक के बाद एक दुकानों में चोरी की सूचना फैलते ही रेलवे रोड पर भारी भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। दुकानदारों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच अधिकारी विपिन ने बताया कि रेलवे रोड पर करीब 10 से 12 दुकानों के ताले टूटे हुए मिले हैं, जिनमें से नगदी और मोबाइल चोरी होने की पुष्टि हुई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
वहीं पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि रेलवे रोड पर रात के समय पुलिस गश्त न के बराबर होती है, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि यदि समय-समय पर पुलिस गश्त होती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे रोड पर पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।


