देश में ऐसे बहुत कम राजनेता हैं, जो सुबह छह बजे से ही कामकाज के लिए तैयार हो जाते हों और कार्यकर्ताओं व अधिकारियों को भी उसी समय से मिलने का अपॉइंटमेंट देना शुरू कर देते हों। महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार अपनी इसी विशेषता के लिए जाने जाते हैं।
हाल ही में हुए नगर परिषद चुनाव में पुनः बारामती के नगराध्यक्ष चुने गए सचिन सातव ने बताया कि जब भी अजित पवार बारामती में होते थे, तो सुबह से ही नगर के किसी न किसी हिस्से में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंच जाते थे। उनकी इस आदत का असर यह होता था कि संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी समय पर पहुंचकर काम में जुट जाते थे।
सातव ने कहा कि ‘दादा’ की यही कार्यशैली बारामती के विकास की गति को तेज करती रही है। सुबह-सुबह निरीक्षण और लोगों से सीधे संवाद करने की उनकी आदत ने उन्हें जनता के बीच एक अनुशासित और सक्रिय नेता के रूप में स्थापित किया है।


