भाजपा विधायक हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी के कार्यकाल के दौरान राशन वितरण में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार ने एक समिति का गठन कर राशन कार्डों की जांच कराई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं।
हरीश खुराना के अनुसार, जांच में पाया गया कि करीब 4.78 लाख राशन कार्ड धारकों, जिनसे जुड़े लगभग 16 लाख लाभार्थी, को गलत तरीके से राशन का लाभ दिया गया। इसके बाद दो लाख से अधिक राशन कार्डों के नाम काटे गए हैं।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 19,646 राशन कार्ड धारक किसी न किसी कंपनी के निदेशक हैं, जबकि 1.19 लाख कार्ड धारक भूमि के मालिक और 70 हजार से अधिक कार्ड धारक वाहन स्वामी हैं। इसके अलावा 2700 राशन कार्ड धारक जीएसटी होल्डर हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है।
भाजपा विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि 6038 मृत व्यक्तियों के नाम पर भी राशन कार्ड बने हुए थे। मामले में 2.76 लाख राशन कार्ड धारकों को नोटिस जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 227 लोगों ने ही जवाब दिया।
हरीश खुराना ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को राशन मिलना चाहिए या नहीं, यह गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के दस साल के शासनकाल में इन लोगों को लगातार राशन मिलता रहा, जो स्पष्ट रूप से राशन घोटाले की ओर इशारा करता है।


