हरियाणा के अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों, रेवाड़ी परिषद सहित कई निकाय चुनावों की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। इसके बावजूद राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी रणनीति बनाना शुरू कर दिया है।
भाजपा की ओर से हर सीट के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर पार्टी हाईकमान को भेजा जाएगा। इसी तरह कांग्रेस ने भी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे पांच फरवरी तक उम्मीदवारों का पैनल प्रदेश अध्यक्ष के पास भेजें।
वहीं, इनेलो और जजपा ने भी संगठन स्तर पर चुनावी मंथन शुरू कर दिया है। दोनों दल आगामी विधानसभा चुनाव से पहले निकाय चुनावों में अपनी खोई साख को वापस पाने की कोशिश में हैं। इसके लिए वे संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दे रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनाव राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। ये चुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर जनता की नब्ज समझने का अवसर देते हैं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी पार्टियों की स्थिति स्पष्ट करते हैं।
सूत्रों के अनुसार, निकाय चुनाव मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल के पहले सप्ताह में कराए जाने की संभावना है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।


