इंटरनेट और मोबाइल एप्स के जरिए ट्रेनों की जानकारी लेना आजकल यात्रियों के लिए बेहद आसान हो गया है। लेकिन कुछ एप्स हाल में ट्रेनों की लेट लतीफी और ठहराव की गलत जानकारी दे रहे हैं, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विशेष रूप से लखनऊ जंक्शन से ऐशबाग शिफ्ट हुई ट्रेनों के मामले में यह समस्या स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। कई एप्स पर इन ट्रेनों का ठहराव मानकनगर स्टेशन पर दर्शाया जा रहा है। वास्तविकता में ट्रेनें इस स्टेशन पर बिना रुके गुजर रही हैं, और यात्रियों को स्टेशन पहुंचकर ही पता चलता है कि ठहराव नहीं है।
रेलवे ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) और आईआरसीटीसी जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ट्रेनों की स्थिति जानने की सलाह दी है। रेलवे की एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि केवल आधिकारिक माध्यम ही सही और अपडेटेड जानकारी प्रदान करते हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव लखनऊ जंक्शन के स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत किया गया है। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) लखनऊ जंक्शन को अपग्रेड कर रहा है। अपग्रेडेशन में लखनऊ जंक्शन और लखनऊ शहर को चारबाग मेट्रो स्टेशन और एयर कानकोर्स से जोड़ा जाएगा।
इस परियोजना के चलते कई प्रमुख ट्रेनों का संचालन ऐशबाग स्टेशन पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसमें आगरा फोर्ट इंटरसिटी, बांद्रा एक्सप्रेस और अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों को नई ठहराव जानकारी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी होगी।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि एप्स में गलत जानकारी के कारण यात्रियों को असुविधा हो रही है। इसलिए उन्हें आग्रह किया गया है कि सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन समय, ठहराव और लेट लतीफी की जानकारी प्राप्त करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्टेशन पुनर्विकास परियोजना पूरे क्षेत्र की यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, लेकिन संक्रमण काल में यात्रियों को सूचना के सही स्रोतों पर भरोसा करना आवश्यक है।


