बांकेबिहारी मंदिर में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी, 21 हजार किलो वजनी स्टील रेलिंग से होंगे सुलभ दर्शन

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वृंदावन स्थित ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर पर्व और एकादशी जैसे विशेष अवसरों पर मंदिर परिसर में भारी भीड़ उमड़ रही है। भीड़ के बढ़ते दबाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुलभ दर्शन कराने के लिए हाईपावर मैनेजमेंट कमेटी द्वारा लगातार नए उपाय किए जा रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के तहत मंदिर परिसर में रेलिंग लगाकर दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

गुरुवार को जया एकादशी के अवसर पर भी ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भीड़ प्रबंधन को लेकर मंदिर प्रशासन और पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए मंदिर में स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं।

भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मंदिर में करीब 21 हजार किलोग्राम वजन की मजबूत स्टील की स्लाइडिंग और फोल्ड होने वाली रेलिंग लगाई जाएगी। इन रेलिंगों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि जरूरत के अनुसार इन्हें खोला और बंद किया जा सके, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

रेलिंग निर्माण के लिए मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन फर्म का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया के तहत तकनीक संबंधी समिति और आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम ने फर्म द्वारा प्रस्तुत किए गए डिजाइन और तकनीकी प्रस्तुतीकरण का परीक्षण किया, जिसे पसंद किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित रेलिंग संरचना मजबूत होने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से भी उपयुक्त होगी।

हाईपावर मैनेजमेंट कमेटी का कहना है कि इस व्यवस्था से मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी। रेलिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा सकेंगे, जिससे धक्का-मुक्की की आशंका कम होगी और बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी सुविधा मिलेगी।

गौरतलब है कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। विशेष पर्वों, सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

मंदिर प्रशासन का कहना है कि रेलिंग लगाने का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, व्यवस्थित और सहज दर्शन उपलब्ध कराना है। आने वाले दिनों में इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि बढ़ती भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था सुचारू बनी रह सके।

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