Swiggy के तिमाही घाटे से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर
नई दिल्ली: यूनियन बजट 2026 से पहले वाले ट्रेडिंग सेशन में भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे। बाजार की गिरावट में तिमाही नतीजों का प्रदर्शन भी प्रमुख कारण बना।
विशेषकर फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Swiggy के शेयरों में करीब 8 प्रतिशत की तेजी से गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट गुरुवार 29 जनवरी को Swiggy द्वारा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने के बाद आई।
Swiggy ने पिछली तिमाही में 1,065 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में हुए 799 करोड़ रुपये के घाटे से काफी अधिक है। इस बढ़ते घाटे को निवेशकों ने नकारात्मक संकेत के रूप में लिया, जिससे शेयर बाजार पर इसका प्रत्यक्ष असर पड़ा।
विश्लेषकों का कहना है कि Swiggy के घाटे में वृद्धि और उससे जुड़े खर्चों ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला। फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और लागत बढ़ने के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
इसके अलावा, बजट से पहले के माहौल में बाजार की संवेदनशीलता भी बढ़ी हुई है। निवेशक भविष्य की नीतियों और कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर सतर्क हैं, जिससे तिमाही परिणामों का प्रभाव शेयर कीमतों पर जल्दी दिख रहा है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव में घबराएं नहीं और लंबी अवधि के निवेश को ध्यान में रखते हुए निर्णय लें।


