बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहां राज्य के किसानों को अभी कुछ और ठंडे दिनों की आवश्यकता थी, वहीं अचानक तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। इसका सीधा असर रबी फसलों की वृद्धि और विकास पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बढ़ते तापमान से खासकर गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), पटना की वैज्ञानिक डॉ. मनीषा टम्टा ने बताया कि मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में बिहार में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक वृद्धि हो सकती है।
डॉ. टम्टा ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि उच्च तापमान के कारण फसल में जल तनाव और वृद्धि में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि किसानों को सिंचाई और फसल प्रबंधन के उपायों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अचानक मौसम में बदलाव फसल की पैदावार और गुणवत्ता पर भी प्रभाव डाल सकता है। इसलिए कृषि विभाग और स्थानीय विशेषज्ञ किसानों को नियमित मौसम अपडेट और कृषि सलाह प्रदान कर रहे हैं।
किसानों के लिए यह समय फसल की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में इस तरह की बढ़ोतरी रबी फसलों के सिरपत्तन और बाल विकसित होने के चरण पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।


