सलमान खान की आगामी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवन’ को लेकर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े सभी मामलों का निपटारा संबंधित प्राधिकरण द्वारा किया जाता है और मंत्रालय की इस तरह के किसी प्रोजेक्ट में कोई भूमिका नहीं होती।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि इस तरह की फिल्म बनाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया, “भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े सभी विषय संबंधित प्राधिकरण देखता है। ऐसे किसी भी प्रोजेक्ट में विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं है। हमें इस संबंध में कोई अधिकार या भागीदारी नहीं है।”
यह फिल्म 2020 में गलवन घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई वास्तविक झड़प पर आधारित है। फिल्म के निर्माताओं ने इसकी 17 अप्रैल 2026 को रिलीज डेट निर्धारित की है। ‘बैटल ऑफ गलवन’ का निर्माण भारतीय सैनिकों की वीरता और उनके संघर्ष को बड़े परदे पर पेश करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों और मीडिया में चर्चा जारी है। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेश मंत्रालय किसी भी प्रकार के कंटेंट या निर्माण निर्णय में शामिल नहीं है और केवल सूचना के आधार पर प्रतिक्रिया दी गई है।
साथ ही, मंत्रालय ने यह दोहराया कि भारत में फिल्म निर्माण, रिलीज और इसके कंटेंट से जुड़े सभी निर्णय संबंधित फिल्म प्राधिकरणों द्वारा लिए जाते हैं और विदेश मंत्रालय का कार्य केवल विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ा होता है।
इससे यह साफ हो जाता है कि फिल्म निर्माण से संबंधित सभी प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं का निपटारा सिनेमा प्राधिकरण और अन्य संबंधित सरकारी निकाय करते हैं। विदेश मंत्रालय केवल जानकारी के आधार पर स्थिति की पुष्टि करता है।


