संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आ रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है।
दौरे का महत्व
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य पूर्व में कई भू-राजनीतिक चुनौतियाँ सामने हैं। ईरान-अमेरिका संबंधों में बढ़ती तनातनी, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव और गाजा में अस्थिर राजनीतिक हालात क्षेत्रीय परिदृश्य को जटिल बना रहे हैं। ऐसे माहौल में नाहयान का भारत दौरा विशेष महत्व रखता है।
प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर आगमन
यूएई राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश और सुरक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा, भारत और यूएई के बीच सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंधों को भी और गहरा करने पर जोर दिया जाएगा।
निष्कर्ष
नाहयान का यह दौरा भारत-यूएई संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात में दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि रणनीतिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है।


