सरकार ने शुक्रवार को 242 अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों के लिंक ब्लॉक करने का आदेश जारी किया। यह कदम पिछले साल अगस्त में पैसे के इस्तेमाल वाले गेमिंग एप्स पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंध के बाद उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन जुआ अधिनियम के लागू होने के बाद अब तक कुल 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है। प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई में हाल के महीनों में विशेष वृद्धि देखी गई है।
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विशेष रूप से यूजर्स और युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म से होने वाले वित्तीय और सामाजिक नुकसान को रोकना इसका मुख्य उद्देश्य है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग अब सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बनकर उभरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को अपने अंतरराष्ट्रीय रोग वर्गीकरण में स्वास्थ्य स्थिति के रूप में शामिल किया है। इसे ऐसे खेल के पैटर्न के रूप में वर्णित किया गया है, जिसमें व्यक्ति नियंत्रण खो देता है, अन्य दैनिक गतिविधियों की उपेक्षा करता है और हानिकारक परिणामों के बावजूद खेल जारी रखता है।
सरकार के अधिकारियों ने कहा कि पैसे कमाने वाले ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म ने कई परिवारों को वित्तीय संकट में डाल दिया है। युवा इस लत के शिकार हो गए हैं, जिससे उनकी पढ़ाई, रोजगार और सामाजिक जीवन प्रभावित हुआ है। कुछ गंभीर मामलों में इन खेलों से जुड़ी आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव ने आत्महत्याओं तक को जन्म दिया।
इसके मद्देनजर सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सतत निगरानी और नियमों के कड़ाई से पालन के माध्यम से युवाओं और आम जनता को वित्तीय और मानसिक नुकसान से बचाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
साथ ही, सरकार ने आम जनता को चेताया है कि वे केवल वैध और नियामक अनुमोदित प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गेमिंग या सट्टेबाजी लिंक पर क्लिक करने से बचें।


