बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक्स लेने से बढ़ रहा एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध (AMR)

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देश में कई लोग अपनी मर्जी से मेडिकल स्टोर पर जाकर एंटीबायोटिक्स और अन्य एंटीमाइक्रोबियल दवाएं खरीद लेते हैं।

लेकिन यह आदत गंभीर खतरे को जन्म दे रही है। बिना जरूरत या गलत खुराक में दवाएं लेने से बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और पैरासाइट्स में प्रतिरोधक क्षमता (AMR) विकसित हो रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस को वर्तमान में मानवता के 10 सबसे बड़े स्वास्थ्य खतरों में से एक बताया है।

इसी खतरे के मद्देनजर दैनिक जागरण, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सहयोग से आज से एक सामाजिक जागरूकता अभियान शुरू कर रहा है। यह अभियान आपको बताएगा कि:

  • एएमआर के मुख्य कारण और इसके प्रभाव क्या हैं।

  • आम लोगों की क्या जिम्मेदारी है, ताकि दवाओं का सुरक्षित और सही इस्तेमाल हो।

  • कौन सी व्यवस्थागत और नीतिगत कमियां इस संकट को और बढ़ावा दे रही हैं।

  • कैसे कुछ मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स देकर AMR को बढ़ावा दे रहे हैं।

इस अभियान के माध्यम से जनता में जागरूकता बढ़ाने, सुरक्षित दवा उपयोग और स्वस्थ समाज की दिशा में कदम उठाने का लक्ष्य रखा गया है।

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