इंदौर के दूषित पेयजल मुद्दे पर विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव की तैयारी

2.7kViews
1805 Shares

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इंदौर प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल की समस्या को संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा में भी इस विषय पर मजबूती से आवाज उठाई जाए और सरकार से जवाब मांगा जाए।

राहुल गांधी के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र में स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होगा और कांग्रेस इस दौरान पेयजल संकट को प्रमुख मुद्दा बनाने जा रही है।

रिपोर्ट और खर्च का आधार

पार्टी की रणनीति के अनुसार, भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे नगरीय क्षेत्रों में सप्लाई किए जाने वाले जल के नमूनों पर आधारित रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके साथ ही जलापूर्ति के लिए अब तक किए गए व्यय का विवरण भी विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। कांग्रेस का उद्देश्य है कि इन तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाए।

राजनीतिक महत्व

राहुल गांधी के दौरे के बाद यह साफ हो गया है कि दूषित पेयजल का मुद्दा केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। इसे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाया जाएगा। कांग्रेस का मानना है कि यह समस्या आम जनता के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ी है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निष्कर्ष

इंदौर के भागीरथपुरा का दूषित पेयजल मामला अब विधानसभा और संसद दोनों में गूंजने वाला है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद यह स्पष्ट है कि यह मामला आसानी से समाप्त नहीं होगा और आने वाले दिनों में राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बनेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *