भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई एक पोस्ट है। रिंकू ने हाल ही में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड तस्वीर साझा की, जिसमें भगवान शिव, गणेशजी और विष्णुजी को कार में बैठे हुए दिखाया गया है। खास बात यह रही कि तीनों देवता काले चश्मे लगाए हुए नजर आ रहे हैं।
तस्वीर में कार को चलाते हुए भगवान हनुमान को दिखाया गया है, जो खुद भी काला चश्मा लगाए हुए हैं। इस पोस्ट में बैकग्राउंड में एक अंग्रेजी गाना बजता हुआ सुनाई देता है। जैसे ही यह पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुई, यूजर्स की प्रतिक्रियाएं तेज़ी से सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे मनोरंजक और ट्रेंडिंग कंटेंट मानते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में लिया, वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई और रिंकू सिंह को ट्रोल करना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और विरोध
पोस्ट के सामने आते ही इंटरनेट मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने कहा कि धार्मिक आस्थाओं से जुड़े देवी-देवताओं को इस तरह दिखाना अनुचित है। उनका मानना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए धार्मिक प्रतीकों और देवताओं को आधुनिक फैशन या मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना आस्था का अपमान है।
दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने इसे एक चलन (ट्रेंड) का हिस्सा बताया। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर AI जनरेटेड इमेजेज़ के जरिए देवी-देवताओं को आधुनिक अंदाज में दिखाने का सिलसिला बढ़ा है। कई क्रिएटर्स और यूजर्स इस तरह की तस्वीरें बनाकर वायरल कर रहे हैं। रिंकू सिंह ने भी इसी ट्रेंड को फॉलो करते हुए अपनी पोस्ट साझा की।
ट्रेंड और विवाद
AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने सोशल मीडिया पर नई तरह की बहसें खड़ी कर दी हैं। जहां एक ओर लोग इसे रचनात्मकता और मनोरंजन का नया माध्यम मानते हैं, वहीं दूसरी ओर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की आशंका भी जताई जाती है। रिंकू सिंह की पोस्ट इसी बहस का ताज़ा उदाहरण बन गई है।
कई यूजर्स ने लिखा कि क्रिकेटर होने के नाते रिंकू सिंह को अपनी लोकप्रियता का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करना चाहिए। उनका कहना था कि लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं और ऐसे में धार्मिक प्रतीकों को मज़ाकिया अंदाज में दिखाना गलत संदेश दे सकता है।
रिंकू सिंह की चुप्पी
इस विवाद पर अब तक रिंकू सिंह की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने पोस्ट साझा करने के बाद इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, इंटरनेट मीडिया पर लगातार बढ़ती ट्रोलिंग और विरोध को देखते हुए यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
निष्कर्ष
रिंकू सिंह की यह पोस्ट एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सोशल मीडिया पर कंटेंट साझा करते समय सार्वजनिक हस्तियों को कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जहां रचनात्मकता के नए आयाम खोले हैं, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनाओं का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है।


