हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव तेज़ी से दिखाई देने लगा है। रोहतांग, शिंकुला, बारालाचा और कुंजुम दर्रे के साथ-साथ चंद्रताल झील क्षेत्र में लगातार हिमपात हो रहा है। बीते तीन दिनों से ऊंची चोटियों पर बर्फ गिर रही है, जबकि निचले इलाकों में लोग अब भी बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 22 जनवरी से प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
किसानों और बागवानों की उम्मीदें
प्रदेश के किसान और बागवान अभी भी बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों और बागों की प्यास बुझ सके। लाहुल-स्पीति और मनाली घाटी में बादलों का डेरा है, जिससे हिमपात की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
पर्यटकों की भीड़ मनाली में
बर्फबारी की संभावना को देखते हुए पर्यटक बड़ी संख्या में कुल्लू-मनाली पहुंच रहे हैं। प्रदेश में सबसे अधिक पर्यटक फिलहाल मनाली में दर्ज किए जा रहे हैं। बर्फ के फाहों का आनंद लेने के लिए सुबह से ही पर्यटक अटल टनल, सिस्सु और दारचा की ओर निकल पड़े।
शिंकुला दर्रा बंद, पुलिस की व्यवस्था
शिंकुला दर्रा आज भी पर्यटकों के लिए बंद है। हालात को देखते हुए लाहुल-स्पीति पुलिस पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से फोर-बाई-फोर वाहनों में जांस्कर समदो मैदान स्थित बीआरओ के ट्रांजिट कैंप तक पहुंचा रही है।
निष्कर्ष
पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमाचल की ऊंची चोटियां सफेद चादर से ढक रही हैं। पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने के लिए उमड़ रहे हैं, वहीं किसान और बागवान आसमान से बरसने वाली नमी का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बारिश और बर्फबारी की संभावना से उम्मीदें और बढ़ गई हैं।


