मां ने ही इकलौते बेटे को उतारा मौत के घाट, कपड़े से कसा था गला; बेटी ने पिता से बताया तो खुला राज
गंगापार में बहरिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत मंसूरपुर में हुई बालक की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बालक की हत्या किसी अन्य ने नहीं बल्कि उसकी सगी मां सोना ने ही कपड़े से गला घोट की थी। बच्चे के पिता ने शुक्रवार रात पत्नी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया तो पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
गले पर संदिग्ध निशान देखा तो शक हुआ
पत्नी सोना ने बताया कि बेटा 28 अक्टूबर की रात सराय सुल्तान रामलीला देखकर 11 बजे लौटा और बताया कि उसके पेट में दर्द हो रहा है। इसके बाद वह सो गया था। पिता पूर्णमासी को गले पर संदिग्ध निशान देखा तो उसने उसने बहरिया पुलिस को फोन पर बताकर बेटे की हत्या का संदेह जताया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामसुख को गला कसकर मौत के घाट उतारने की बात सामने आई।
भाई छटपटा रहा था, मम्मी गला दबा रही थीं…
30 अक्टूबर को पिता ने कारण पूछा तो बेटी संगीता ने रोते हुए बताया कि रात को मम्मी ने रामसुख को कपड़े से गला दबाकर मार डाला। भाई छटपटा रहा था तो मैं जाग गई थी। मैंने देखा कि मम्मी उसका गला दबाकर खींच रही थी। मैं यह देखकर डर गई थी। मम्मी भाई के पीठ पर भी मार रही थी। मैंने पूछा क्यों मार रही हो तो मम्मी ने कहा रामसुख ने मेरा जीना हराम कर रखा है। रात-दिन अपशब्द कहता है। मारता-पीटता है। मैं इससे ऊब गई हूं। तब तक भाई मर चुका था। मम्मी ने मुझे भी धमकी दी कि किसी को बताओगी तो तुम्हें भी तुम्हारे भाई की तरह मार डालूंगी।
सिर्फ तीन लोग ही घर में थे मौजूद
पूर्णमासी लाल के मुताबिक 28 अक्टूबर की रात घर में पत्नी सोना, बेटा रामसुख, बेटी संगीता मौजूद थे। थानाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्णमासी लाल मौर्य की तहरीर पर सोना के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे रविवार को जेल भेजा जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

