JPSC Scam: सफल अभ्यर्थियों पर कसने लगा शिकंजा, CID ने तीन को रिमांड पर लिया; OMR शीट की जांच तेज

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झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं प्रतियोगिता परीक्षा में अनुचित माध्यम से सफल तीन अभ्यर्थियों को सीआईडी ने मंगलवार से पांच दिनों की रिमांड पर लिया है। इन अभ्यर्थियों में उमाकांत उरांव, मनोज कुमार व रोशन केरकेट्टा शामिल हैं।

उमाकांत उरांव मूल रूप से लोहरदगा के जुरियो स्थित कार्तिक नगर का निवासी है और वर्तमान में रांची के बरियातू स्थित डीआइजी ग्राउंड सरहुल नगर के पास रहता था, जहां से सीआइडी ने उसे गिरफ्तार किया था। यह अभ्यर्थी के साथ-साथ एजेंट की भूमिका में भी था।

वहीं, रोशन केरकेट्टा रांची के नगड़ी स्थित हलहु का निवासी है और वर्तमान में वह रांची के ही सदर थाना क्षेत्र के कोकर हैदर गली, रोड नंबर नौ में रहता था। गिरफ्तार मनोज कुमार रांची के ही धुर्वा के सेक्टर-3 स्थित क्वार्टर नंबर एएन-206 का निवासी है।

तीनों ही आरोपितों को सीआईडी ने पिछले दिनों गिरफ्तार किया था। तीनों ही अभ्यर्थियों पर सेटिंग के माध्यम से परीक्षा उत्तीर्ण करने का आरोप है। ओएमआर शीट में हेराफेरी कर ये सफल हुए थे।

गिरफ्तार अन्य आरोपितों के बयान, जब्त डिजिटल साक्ष्य की छानबीन के बाद ये आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। सीआइडी इनसे परीक्षा पास कराने वाले सिंडिकेट के बारे में जानकारी जुटाएगी। किसकी क्या भूमिका थी, किसको इनलोगों ने कितना भुगतान किया और पूरी सेटिंग कैसे हुई, इसकी भी सीआईडी जानकारी जुटाएगी।

CID दो दिनों में पूरी कर लेगी वाट्सएप व ईमेल पर आनेवाले OMR शीट की जांच

जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआइडी अब दो दिनों के भीतर वाट्सएप व ईमेल पर आने वाले ओएमआर शीट की जांच पूरी कर लेगी। सीआइडी ने जेपीएससी के अधीन संचालित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2025 (विज्ञापन संख्या-01/2026) की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों से उनकी ओएमआर शीट की कार्बन काॅपी की फोटो या पीडीएफ मांगा था। इसके लिए सीआइडी ने वाट्सएप नंबर व ईमेल आइडी जारी की थी।

उस परीक्षा में उत्तीर्ण कुल 2,204 अभ्यर्थियों में से केवल 1,750 सफल अभ्यर्थियों ने ही अपनी ओएमआर शीट भेजी थी। 454 अभ्यर्थियों ने अपनी ओएमआर शीट नहीं भेजी। सीआइडी ओएमआर शीट नहीं भेजने वालों को संदिग्ध मान रही है और ये सभी अभ्यर्थी सीआइडी के रडार पर हैं। जिन्होंने अपनी ओएमआर शीट भेजी थी, उसकी जांच भी तेजी से चल रही है।

दो दिनों के भीतर जांच पूरी होने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि फर्जीवाड़ा से कितने अभ्यर्थियों से सफलता हासिल की है। इसके बाद सीआइडी ऐसे सभी अभ्यर्थियों के विरुद्ध कानून सम्मत कार्रवाई करेगी।

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