अब आजम खान के परिवार पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, जौहर यूनिवर्सिटी में सचिव पत्नी-कोषाध्यक्ष बहन पर ED की टेढ़ी नजर

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 ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में सपा नेता आजम खां को गिरफ्तार किया है। उन पर जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में 400 करोड़ से ज्यादा ब्लैक मनी और 80 करोड़ से अधिक सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। इसी प्रकरण में आजम के साथ जौहर ट्रस्ट को भी नामजद किया गया है जिसमें उनकी पत्नी, दोनों बेटे और बहन आदि भी शामिल हैं। यही वजह है कि ईडी की कार्रवाई आगे बढ़ने पर आजम के स्वजन भी मुसीबत में फंस सकते हैं।

ईडी की ओर से 13 अक्टूबर को अजीम नगर थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में नामजद जौहर ट्रस्ट के जरिए ही जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण कराया गया है। निजी विश्वविद्यालय में सरकारी धन का उपयोग हो या फर्जी फर्मों से चंदा लेने की बात, सब कुछ इसी ट्रस्ट के जरिये किया गया है। ऐसे में ट्रस्ट में शामिल सभी सदस्यों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

आजम खां ने 1990 में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट गठित किया था। वह खुद ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष बने थे जबकि, पत्नी तजीन फातिमा सचिव, बहन निकहत अफलाक कोषाध्यक्ष और दोनों बेटे अदीब व अब्दुल्ला को सदस्य बनाया था। इनके अलावा मुश्ताक अहमद सिद्दीकी उपाध्यक्ष, चमरौवा के सपा विधायक नसीर अहमद खां संयुक्त सचिव और सलीम कासिम को सदस्य के रूप में रखा गया था। यानिकि ट्रस्ट के कुल नौ लोगों में 5 लोग आजम के घर के ही शामिल थे।

ईडी का आरोप है कि शेष चार लोग डमी के रूप में ही ट्रस्ट में शामिल किए गए थे। आजम खां और अब्दुल्ला कई मामलों में अभियुक्त बनाए गए हैं। आजम के खिलाफ अब तक न्यायालय से 16 मामलों में सुनाए गए फैसलों में वह आठ में बरी हो गए जबकि, आठ में उन्हें सजा हुई है। दो पैन कार्ड के मामले में शनिवार को आजम के बेटे अब्दुल्ला जेल से बाहर आ गए हैं। आजम की पत्नी तजीन फातिमा को अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में ही सजा हुई है। इस मामले में न्यायालय उन्हें अब्दुल्ला और आजम के साथ सात-सात वर्ष की सजा सुना चुका है।

फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर हैं। आजम के परिवार में सिर्फ उनके बड़े बेटे अदीब और बहन निकहत अफलाक ही अब तक किसी मामले में दोषी नहीं ठहराए गए हैं। दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सजा सुनाए जाने के बाद आजम खां ने जौहर ट्रस्ट से अपना, पत्नी और छोटे बेटे का नाम हटा लिया है। नई कार्यकारिणी में उनकी बहन निकहत अध्यक्ष हैं जबकि, बेटा अदीब सचिव हैं। इनके अलावा मुश्ताक अहमद सिद्दीकी, नसीर अहमद खां, जावेद उर रहमान खान, मुमताज बी व शहरेयार सलीम भी शामिल हैं।

ईडी की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विश्व विद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग, कमीशनखोरी और बिना हिसाब के चार सौ करोड़ खर्च करने के जो आरोप लगे हैं, उनके संबंध में दस्तावेजी साक्ष्य भी मौजूद हैं। इसके चलते जौहर ट्रस्ट में शामिल रहे उनके बड़े बेटे अदीब, पत्नी तजीन फातिमा और बहन निकहत अफलाक के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटकी है। ये कार्रवाई न सिर्फ अजीम नगर थाने की पुलिस बल्कि, ईडी भी कर सकती है।

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