मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के जसौला गांव में करीब ढाई साल पहले हुए अंकित हत्याकांड में अदालत ने पति-पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने मीनाक्षी और उसके पति सोनू को हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मामला 7 जनवरी 2024 का है। अभियोजन के मुताबिक, 21 वर्षीय अंकित को रात में मीनाक्षी ने फोन करके अपने घर बुलाया था। अंकित के वहां पहुंचने के बाद उसे घर के अंदर बंधक बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। जब परिजन उसकी तलाश करते हुए मीनाक्षी के घर पहुंचे और दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घर खुलवाकर अंकित को गंभीर हालत में बरामद किया। अस्पताल ले जाने के बाद उसकी मौत हो गई।
प्रेम-प्रसंग की बात जांच में आई सामने
जांच के दौरान अंकित और मीनाक्षी के बीच प्रेम-प्रसंग की बात सामने आई। अभियोजन के अनुसार, मीनाक्षी के पति सोनू को दोनों के बीच बातचीत की जानकारी हो गई थी। इसके बाद अंकित को घर बुलाकर उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मामले में मीनाक्षी और सोनू को गिरफ्तार किया था।
सात गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतक के पिता रणवीर सिंह और भाई लवकुश समेत सात गवाह पेश किए। जांच के दौरान घटनास्थल से अंकित का टूटा मोबाइल और अन्य सामान भी बरामद किया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर 18 चोटों के निशान मिलने की बात सामने आई थी।
अदालत ने उपलब्ध गवाहियों और साक्ष्यों के आधार पर मीनाक्षी और सोनू को हत्या का दोषी माना। बुधवार को दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस तरह दोनों पर कुल एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

