दीपावली का पर्व हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह त्योहार मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस बार दीपावली पर स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस तरह के शुभ योग में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्य करना फलदायी माना जाता है।
दीपावली के दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से लक्ष्मी-गणेश का पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग के संयोग को भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। इस अवसर पर श्रद्धालु मां लक्ष्मी की आराधना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
दीपावली की पूजा में सिंह लग्न का भी विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुभ लग्न में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। सिंह लग्न में लक्ष्मी पूजन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है।
लक्ष्मी पूजन के दौरान घरों और प्रतिष्ठानों में दीप जलाए जाते हैं। पूजा स्थल को फूलों, रंगोली और रोशनी से सजाया जाता है। इसके बाद मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु धन-धान्य, सुख-समृद्धि और परिवार की उन्नति के लिए प्रार्थना करते हैं।
दीपावली का संदेश केवल धन और वैभव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक भी है। इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करने, परिवार के साथ खुशियां बांटने और आपसी प्रेम बढ़ाने का भी विशेष महत्व है।
कुल मिलाकर, दीपावली पर स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग का संयोग धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। सिंह लग्न में मां लक्ष्मी की पूजा को लेकर भी श्रद्धालुओं में उत्साह है। हालांकि, पूजा का सटीक समय और शुभ मुहूर्त अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार देखना उचित रहेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

