106 करोड़ मंजूर फिर भी बदहाल बदायूं बस स्टैंड, दो बार टेंडर के बाद भी नहीं आई एजेंसी
106 करोड़ रुपये मंजूर, फिर भी बदहाल बदायूं बस स्टैंड; दो बार टेंडर के बाद भी नहीं मिली एजेंसी
बदायूं बस स्टैंड के कायाकल्प के लिए 106 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि मंजूर होने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। बस स्टैंड अब भी बदहाल स्थिति में है। खास बात यह है कि इसके पुनर्विकास के लिए दो बार टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, लेकिन अभी तक किसी एजेंसी ने काम के लिए रुचि नहीं दिखाई है।
बस स्टैंड के विकास के लिए प्रस्तावित योजना के तहत आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी थी। इसके लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत की गई, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में एजेंसी के आगे नहीं आने से परियोजना का काम आगे नहीं बढ़ सका।
दो बार टेंडर जारी किए जाने के बावजूद किसी एजेंसी के सामने नहीं आने से परियोजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, बस स्टैंड पर रोजाना पहुंचने वाले यात्रियों को मौजूदा अव्यवस्थाओं के बीच ही सफर करना पड़ रहा है।
अब संबंधित विभाग की ओर से आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाना है। एजेंसी के चयन के बाद ही बस स्टैंड के प्रस्तावित विकास कार्य को गति मिल सकेगी। फिलहाल 106 करोड़ रुपये की मंजूरी के बावजूद बदायूं बस स्टैंड के कायाकल्प का इंतजार जारी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

