सेल-बीसीसीएल समझौते से बढ़ेगा घरेलू कोकिंग कोयला उत्पादन, दो ब्लॉकों का होगा संयुक्त विकास
घरेलू स्तर पर कोकिंग कोयले की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने महत्वपूर्ण समझौता किया है। दोनों कंपनियों ने पश्चिम बंगाल स्थित दो कोयला ब्लॉकों के संयुक्त विकास और संचालन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौते के तहत SAIL के इंडिकट्टा रामनागोर कोल ब्लॉक और BCCL के ईस्ट ऑफ दामागोरिया (कल्याणेश्वरी) कोल ब्लॉक का संयुक्त रूप से विकास और संचालन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य देश में कोकिंग कोयले के घरेलू स्रोतों को मजबूत करना है।
BCCL की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ब्लॉकों को अलग-अलग स्तर पर विकसित करना व्यावहारिक नहीं माना गया था। इसी वजह से दोनों खदानों को मिलाकर संयुक्त रूप से विकसित करने की योजना तैयार की गई। CMPDI ने इस परियोजना के लिए रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे BCCL बोर्ड और बाद में Coal India बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है।
परियोजना के तहत पहले चरण में कल्याणेश्वरी ब्लॉक में खनन और रामनागोर क्षेत्र में ओवरबर्डन डंपिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में रामनागोर ब्लॉक में खनन किया जाएगा और डंपिंग की व्यवस्था कल्याणेश्वरी ब्लॉक में की जाएगी।
इस संयुक्त परियोजना की प्रस्तावित क्षमता 4 मिलियन टन प्रतिवर्ष (MTY) से अधिक है। दोनों कंपनियों के बीच हुआ यह समझौता घरेलू कोकिंग कोयला उत्पादन बढ़ाने और इस क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

