बैरिया-आरा फोरलेन सड़क परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए बलिया और भोजपुर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के करीब 5,500 किसानों की 96 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जाएगी। किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिले और अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो, इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। अधिग्रहण के दौरान प्रत्येक भूखंड की प्रकृति, उपयोगिता और प्रचलित बाजार मूल्य का सही निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए भू-अर्जन अधिकारी, जिला सहायक निबंधक और डीसीएलआर को समिति में सदस्य नामित किया जाएगा। समिति प्रत्येक भूखंड का आकलन कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
बैरिया-आरा फोरलेन सड़क परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए बलिया और भोजपुर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश और बिहार के करीब 5,500 किसानों की 96 हेक्टेयर भूमि अधिगृहित की जाएगी।
किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिले और अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो, इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
अधिग्रहण के दौरान प्रत्येक भूखंड की प्रकृति, उपयोगिता और प्रचलित बाजार मूल्य का सही निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए भू-अर्जन अधिकारी, जिला सहायक निबंधक और डीसीएलआर को समिति में सदस्य नामित किया जाएगा। समिति प्रत्येक भूखंड का आकलन कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट देगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।
लोगों का आवागमन होगा सुगम
जिले की बैरिया तहसील के सात गांव और बिहार के भोजपुर जिले के 21 गांवों की भूमि परियोजना के लिए ली जाएगी। प्रशासन की ओर से संबंधित दस्तावेजों का भी गहन परीक्षण कराया जाएगा, ताकि मुआवजे को लेकर विवाद की स्थिति न बने।स्थानीय प्रशासन के अनुसार जमीन की सही श्रेणी और बाजार मूल्य का निर्धारण अधिग्रहण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे किसानों का हित सुरक्षित रहेगा। फोरलेन बनने से दोनों राज्यों के दियरांचल में आवागमन सुगम होने के साथ व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। एसडीएम बैरिया शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि प्रक्रिया चल रही है और इसे पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कराया जाएगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

