बिजनौर: घर के आंगन में घुसा गुलदार, पति-पत्नी की मुश्किल से बची जान; अन्य स्थान पर पशुशाला में घुसकर बछड़े को मार डाला

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जिले में गुलदार (तेंदुआ) के हमलों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार रात रेहड़ क्षेत्र में गुलदार ने घर में घुसकर हमला कर दिया। इसमें पति-पत्नी बाल-बाल बचे। शेरकोट क्षेत्र में गुलदार ने पशुशाला में घुसकर बछड़े को मार डाला।

रेहड़ क्षेत्र के गांव भगतावाला में मंगलवार रात एक व्यक्ति के घर में गुलदार (Leopard) घुस गया। उसने बकरियों पर हमला कर दिया, इस दौरान दंपति भी आंगन में मौजूद थे गुलदार ने उन पर भी हमले का प्रयास किया, लेकिन वह शोर मचाकर भागने के कारण बाल-बाल बच गए।

गांव भगतावाला निवासी शाकिर पुत्र स्वर्गीय अहमद हुसैन का घर गांव में क्रेशर के पास स्थित है। घर का आंगन खुला हुआ है। वह अपने घर में बकरे और बकरियों का पालन कर अपने परिवार की गुजर बसर करता है। उसने बताया कि मंगलवार रात लगभग 10 बजे वह अपनी पत्नी रुखसाना के साथ टिनशेड के नीचे चारपाई पर बैठा था, जबकि उसके चार बच्चे कमरे के अंदर सो रहे थे।

इसी दौरान अचानक एक गुलदार उसके घर में आ गया और उसने बकरियों पर हमला किया। गुलदार को देखकर उसकी पत्नी रुखसाना की चीख निकल गई, उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। बाद में गुलदार जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन से गुलदार क्रेशर और ईदगाह के पास घूमता हुआ देखा जा रहा है।

उधर शेरकोट क्षेत्र में बीते शनिवार की रात गुलदार ने क्षेत्र के ग्राम बिहारीपुर निवासी सुनील कुमार की पशुशाला में घुसकर गाय के एक बछड़े को मार दिया था। मंगलवार रात गुलदार पुनः उसी पशुशाला में घुसकर वहां बंधे दूसरे बछड़े को मारकर खा गया। चार दिन के भीतर आबादी क्षेत्र में गुलदार के हमलों से ग्रामीणों में दहशत है।

क्षेत्र के ग्राम बिहारीपुर निवासी किसान सुनील कुमार उर्फ़ बब्बल के पशु रोज की भांति मंगलवार की रात घर के पास स्थित पशुशाला में बंधे थे। देर रात गुलदार वहां आया और एक लगभग छह माह के बछड़े को हमला कर मार डाला था।

गुलदार ने बछड़े को खींचकर ले जाने का प्रयास किया, परंतु बछड़ा मजबूत रस्से में बंधा होने के कारण वह उसे ले जाने में सफल नहीं हो सका। घटना का पता स्वजन को सुबह उस समय जब वह पशु शाला में पहुंचे। पशु स्वामी ने बताया कि शनिवार की रात गुलदार ने उनके एक बछड़े को भी मार दिया था।

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