जम्मू-कश्मीर में बॉटनी लेक्चरर पर बड़ा एक्शन, छात्राओं से अनुचित चैट और यौन उत्पीड़न के आरोप; केस दर्ज होते ही फरार

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 सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल घोरड़ी में छात्राओं की ओर से बॉटनी लेक्चरर विजय सिंह धोंन पर लगाए गए अनुचित व्यवहार और यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। समिति की जांच में लेक्चरर को दोषी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की है।

विभाग की ओर से पुलिस स्टेशन में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। इसके साथ ही संबंधित लेक्चरर को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद से संबंधित शिक्षक फरार बताया जा रहा है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पिछले कुछ दिनों से पुलिस की ओर से उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। हालांकि, अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

क्या है मामला?

जानकारी के अनुसार, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल घोरड़ी में कुछ छात्राओं ने बॉटनी विषय के लेक्चरर विजय सिंह धोंन के खिलाफ स्कूल प्रिंसिपल के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी। छात्राओं ने शिक्षक पर अनुचित व्यवहार और आपत्तिजनक आचरण के आरोप लगाए थे।

शिकायत के साथ कथित व्हाट्सऐप चैट भी शिक्षा विभाग के समक्ष उपलब्ध करवाई गई थी। मामला सामने आने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधमपुर की ओर से तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी।

तीन प्रिंसिपलों की समिति ने की जांच

मामले की जांच के लिए गठित समिति में सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल माड़ता के प्रिंसिपल पवन कुमार, सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल रामनगर की प्रिंसिपल उर्वशी परिहार और सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल बरमीन की प्रिंसिपल नीनू गंजू को शामिल किया गया था। समिति ने छात्राओं की शिकायत, उनके बयान और मामले से जुड़े अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जांच के दौरान समिति ने सात लड़कियों की ओर से संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई। समिति ने शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय को सौंप दी।

जांच रिपोर्ट के बाद विभाग ने की कार्रवाई

जांच समिति की रिपोर्ट में लेक्चरर को दोषी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। विभाग की ओर से संबंधित पुलिस स्टेशन में पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

इससे पहले मामले की प्रारंभिक जांच के दौरान लेक्चरर को मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधमपुर के कार्यालय में अटैच किया गया था। उस समय विभाग की ओर से कहा गया था कि जांच पूरी होने तक उसे स्कूल से दूर रखा गया है, ताकि शिकायतकर्ता छात्राओं और शिक्षक के बीच सीधे संपर्क की स्थिति न बने और जांच प्रक्रिया प्रभावित न हो।

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस तलाश में जुटी

पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद संबंधित शिक्षक के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं और अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई अब शिक्षक की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस की ओर से कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा सकती है।

व्हाट्सऐप चैट समेत अन्य साक्ष्य भी जांच में शामिल

मामले की शुरुआत में छात्राओं की ओर से शिकायत के साथ कथित व्हाट्सऐप चैट उपलब्ध करवाई गई थी। विभागीय जांच के दौरान डिजिटल सामग्री और छात्राओं के बयानों समेत उपलब्ध अन्य तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। समिति ने पूरे मामले की पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंपी।

अब मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद विभागीय जांच के अलावा आपराधिक जांच भी आगे बढ़ेगी। पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में पुलिस संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध डिजिटल व अन्य साक्ष्यों की जांच करेगी।

छात्राओं की शिकायत के बाद शुरू हुआ था पूरा घटनाक्रम

बताया जाता है कि छात्राओं की शिकायत सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित लेक्चरर को स्कूल से हटाकर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच किया था। इसके बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। समिति को मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे।

अब समिति की जांच पूरी होने और रिपोर्ट में शिक्षक को दोषी पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई के साथ पुलिस केस दर्ज होने से मामला नए चरण में पहुंच गया है। शिक्षक के निलंबन और पुलिस की ओर से उसकी तलाश किए जाने के बाद शिक्षा विभाग तथा पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

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