ब्रज की सबसे बड़ी चोरी: मथुरा में चालाक चोर ने 7 घंटे में उड़ाया 14 करोड़ का सोना और कैश

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एक चालाक चोर, सात घंटे और 10.50 किलो सोने और 15 लाख रुपये की चोरी। ब्रज की सबसे बड़ी चोरी में यह थोड़े आश्चर्य में डालने वाला तथ्य आया है कि इतनी बड़ी चोरी में सिर्फ एक चोर था। माना जा रहा है कि ब्रज क्षेत्र में इससे बड़ी चोरी नहीं हुई।

नगर के जुगलकिशोर, अमित कुमार सर्राफ का सर्राफा बाजार में शोरूम है। वह थोड़ी दूर स्थित बलदेवगंज में रहते हैं। चोर ने रात को पीछे की दुकान का रास्ता पकड़ा। वह छत पर चढ़ा और वहां से कूदकर सर्राफ के शोरूम की छत पर आ गया। इसके बाद 9.57 बजे अंदर प्रवेश कर लिया। चोर को यह जानकारी थी कि चाबी से लेकर सोना-चांदी और नकदी कहां रहती है। पूरी योजना के अनुसार उसने काम किया।इसके बाद भी उसे लंबा समय सोना और नकद इकट्ठा करने में लगा। चोर ने रात में वहां पानी भी पिया। आखिर में वह सुबह सवा पांच बजे निकला तो एक थैला और बैग हाथ में थे। बलदेवगंज चौराहे से ई रिक्शा में सुबह एक थैला और एक बैग के साथ बैठा है। हाथ में जो थैला लगा है, उस पर शोरूम का ही नाम छपा है। यह पीले रंग का है। जिस बैग में सोना, आभूषण और रुपया रखा है, वह कंधे पर लटका पिट्ठू बैग है। चोर ने अपने चेहरे से लेकर कमर तक का पूरा हिस्सा काले कपड़े से ढक रखा है। इससे बैग भी ढका हुआ है।

कैमरों से बचने को लगाता रहा चक्कर
चोर बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की जद से बचने के लिए बहुत कोशिश करता रहा। पहले तो उसने मुंह कपड़े से ढक लिया। इसके बाद बैग सहित शोरूम से निकला तो, उसके दिमाग में सबसे बड़ी बात सीसीटीवी कैमरों से बचने की रही लग रही है। वह बार-बार बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों से बचने का प्रयास कर रहा है।

यदि उसे यह महसूस हुआ कि रिकार्डिंग से नहीं बच पाएगा तो, आसपास इधर-उधर चक्कर काटकर आगे बढ़ा है। पुलिस को ऐसे में उसे पहचानने में पसीने आ गए। आखिर में चोर कबाड़ी बाजार होते हुए बलदेव गंज बाजार पहुंचा है। अनुमान है कि वह पुलिस चौकी से पहले उतरने के बाद गलियों से होकर रेलवे स्टेशन गया है। पुलिस रात 12 बजे तक रेलवे स्टेशन के कैमरे तलाश रही थी।

एक ही रिक्शा मिला
बलदेवगंज पर चोर एक रिक्शा देखते ही उसमें बैठ गया है। उसने किराये को लेकर कोई पूछताछ न कर सिर्फ जाने की जगह बताई है। वह पुलिस चौकी से पहले कहीं रास्ते में उतर गया है। इसके बाद गलियों में कहीं नजर नहीं आया। पुलिस अब गलियों के सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग तलाश रही है।

दो साल पहले हटाया था कर्मचारी
सर्राफ के यहां कर्मचारी आते-जाते रहते हैं। इसमें एक कर्मचारी लगभग दो साल पहले छोड़कर चला गया था। उस पर ही पुलिस का शक है। पुलिस उसके घर पर पहुंची तो वह गायब था। मां-पिता और भाई मिले तो बताया गया कि वह तो उत्तराखंड में ही पत्नी और बच्चों के साथ रहता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले बहुत दिनों से घर पर नहीं आया।

पहले की होगी पूरी रेकी
पूर्व कर्मचारी के ही चोरी में हाथ दिख रहा है। परंतु उसने पूरी योजना बहुत ही सुनियोजित ढंग से बनाई है। वह शोरूम का पूरे काम का तरीका जानता है। चाबी और महंगा माल कहां रहता है, इसकी बखूबी जानकारी थी। पुलिस का अनुमान है कि इसके बाद भी वह वर्तमान स्थिति को देखने के लिए शोरूम के आसपास आया होगा। इसलिए उसे कैमरों की भी जानकारी महसूस हो रही है।

मोबाइल नंबर का पता नहीं
जिस कर्मचारी पर शक है उसके मोबाइल नंबर का पता पुलिस को नहीं चल सका। पुराना नंबर वह छोड़ चुका है। स्वजन से नए नंबर को लेकर पूछा तो उन्होंने कह दिया कि मोबाइल नंबर नहीं पता है। ऐसे में पुलिस उसकी लोकेशन भी नहीं देख सकी।

वृंदावन में हुई थी 2.90 करोड़ की चोरी
वृंदावन में इससे नौ जून को 2.90 करोड़ रुपये के आभूषण और नकदी की चोरी गुजरात के एक व्यापारी राकेश प्रजापति के फ्लैट से हुई थी। इसका पर्दाफाश 14 जुलाई को हुआ था। इसमें गेस्ट हाउस मालिक और उसके साथी शामिल थे। यह व्यापारी गुजरात में अपना मकान बेचकर यहीं रहने लगे थे।

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