सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) राजौरी ने शनिवार को राजौरी–पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया। यह अभियान सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) आशिक रफीक मलिक के निर्देशन में संचालित किया गया, जिसमें नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान एमवीडी की टीम ने हाईवे पर चलने वाले कुल 96 वाहनों की जांच की। जांच के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले 16 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने पर 3 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। विभाग द्वारा जारी चालानों से लगभग 74 हजार 100 रुपये जुर्माना वसूले जाने की संभावना है।निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं। इनमें बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना, ओवरलोडिंग, स्पीड लिमिटिंग डिवाइस (एसएलडी) के बिना वाहन संचालन, वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना तथा निर्धारित यूनिफॉर्म नियमों का पालन न करना शामिल है। इसके अतिरिक्त कुछ वाहन चालक तेज और लापरवाही से वाहन चलाते पाए गए, जबकि कुछ मामलों में प्रवर्तन अधिकारियों के वैध निर्देशों की अवहेलना भी देखी गई।
दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना मकसद
एमवीडी अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए विभाग अब नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक वाहन चालक और आम नागरिक का भी कर्तव्य है। विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं की संख्या को कम करना है।
इस अवसर पर एआरटीओ आशिक रफीक मलिक ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिले भर में नियमित रूप से ऐसे विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे ताकि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा सड़क पर जिम्मेदारी और सावधानी के साथ वाहन चलाएं।
स्थानीय लोगों ने भी एमवीडी की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लगातार जांच अभियानों से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और सड़क हादसों में कमी आएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


