अराइयांवाला गांव में जंगल से निकलकर आए हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर किसानों की फसल उजाड़ दी। हाथियों ने गन्ने और धान की खड़ी फसल को रौंद दिया।
धान के पौधे खेत में बिखरे पड़े मिले। पॉपुलर के पौधे भी उखड़े हुए मिले। सुबह खेतों में पहुंचे किसानों ने फसल की हालत देखी तो उन्हें भारी नुकसान का पता चला। जंगल में सात से आठ हाथियों का झुंड होने से ग्रामीणों में भी डर बना हुआ है।
किसानों ने बताया कि हाथियों के झुंड के दोबारा खेतों की ओर आने की आशंका बनी हुई है। इससे फसल की रखवाली करने वाले किसानों को अपनी सुरक्षा की भी चिंता सता रही है। खेतों में जगह-जगह रौंदी हुई फसल हाथियों के उत्पात की तस्वीर दिखा रही है।गन्ने के पौधे टूटे पड़े हैं। धान की फसल जमीन पर बिखरी है। पॉपुलर के पौधे उखड़े हुए हैं। किसानों का कहना है कि यदि हाथियों का झुंड लगातार खेतों की तरफ आता रहा तो और नुकसान हो सकता है।v
पीड़ित किसानों ने विभाग से की तारबंदी और मुआवजा की मांग
पीड़ित किसानों का कहना है कि वह छोटे किसान हैं विभाग द्वारा प्रति एकड़ 70 से 80 प्रतिशत नुकसान होने पर ही मुआवजा देने की बात कही जाती हैं, जिस किसान के पास आधा एकड़ ही जमीन है वह कहां जाएगा।
वन एवं वन्य प्राणी विहार को कीिानों की समस्या पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए। विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने तारबंदी और फसल के नुकसान का आकलन कर मुआवजे मांग की है।
वन्यजीव प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि विभाग के कर्मचारियों को निरीक्षण के लिए मौके पर भेजा जाएगा। विभाग द्वारा 60 से 70 प्रति एकड़ नुकसान होने पर ही मुआवजा देने का प्रावधान है तारबंदी के विषय में उन्होंने कहा उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जंगल में सात से आठ हाथियों का समूह होने की जानकारी है। ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
हाथी दिखें तो न जाएं नजदीक हाथियों का झुंड दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने से बचें। हाथियों को भगाने या घेरने का प्रयास न करें। पत्थर मारकर या तेज शोर करके उन्हें उकसाने से बचें। रात के समय खेतों में अकेले न जाएं। हाथियों की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

