नरौरा गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर गुरुवार सुबह 0.02 मीटर घटकर 177.86 मीटर रह गया लेकिन, गुन्नौर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।
जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद आधा दर्जन गांवों की सड़कें और खेत अब भी पानी से लबालब हैं। कई पुलिया पानी में डूब चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
जुनावई क्षेत्र के बझांगी गांव की आबादी में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं रघुपुर पुख्ता के प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने के कारण स्कूल बंद हो गया है। दूसरे स्थान पर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। पशुशालाएं भी जलमग्न हैं।
नरौरा गंगा बैराज पर बुधवार को जलस्तर 177.88 मीटर था। बैराज से पानी का डिस्चार्ज भी 1,11,969 क्यूसेक से घटकर 1,05,633 क्यूसेक रह गया। डिस्चार्ज में 6,336 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है।बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बुधवार देर शाम बाढ़ प्रभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बैराज पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

