नंदा देवी बड़ी जात: बैराकुंड में भगवान शिव की हुई पूजा, अवतरित हुए देवी-देवता

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मायके से ससुराल कैलास के लिए विदा हो रही मां नंदा के स्वागत को ग्रामीण कदम-कदम पर पलक-पांवड़े बिछाए हुए हैं। हर पड़ाव नंदा के जागरों से आलोकित हो रहा है। बुधवार को बड़ी जात के पांचवें पड़ाव के लिए प्रस्थान करने के बाद सिद्धपीठ बैरासकुंड में देवी नंदा का भगवान शिव से भावपूर्ण मिलन हुआ। यहां से यात्रा रात्रि विश्राम के लिए मटई ग्वाड़ पहुंची।

मान्यता है कि बैरासकुंड में ही रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अपने नौ सिर हवन कुंड में अर्पित किए थे। इसलिए यहां भगवान शिव के साथ भक्त के रूप में रावण की भी पूजा होती है। सुबह मां नंदा की बड़ी जात चौसिंग्या खाडू की अगुआई में सेमा से 10 किमी पैदल दूरी तय कर बैराकुंड, इतमोली व दुबड़खेत होते हुए मटई ग्वाड़ पहुंची।

इस मौके पर नंदा देवी मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखवीर रौतेला, नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत (सेनि), हर्षवर्धन बिष्ट, कैप्टन जसंवत सिंह बिष्ट (सेनि) आदि मौजूद रहे। यहां से बड़ी जात गुरुवार को 25 किमी की पैदल दूरी तय कर अपने छठे पड़ाव पगना गांव पहुंचेगी।

देखते ही बन रहा नंगे पैर यात्रा में शामिल भक्तों का उत्साह

बड़ी जात जिस भी गांव से गुजर रही है, ग्राम देवता व भूम्याल समेत अन्य देवी-देवता अपने पश्वों पर अवतरित होकर देवी नंदा को सकुशल कैलास पहुंचने का आशीर्वाद देते उन्हें अगले पड़ाव के लिए विदा कर रहे हैं। यात्रा में नंगे पैर शामिल नंदा भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। रास्तेभर बड़ी जात की आगवानी को खड़े मैतियों (मायके पक्ष वालों) से नंदा ऐसे अपनत्व के भाव से मिल रही है कि हर किसी की आंखें छलछला उठती हैं। मैती समौण (स्थानीय उत्पाद) भेंटकर नंदा को स्नेहपूर्ण विदाई रहे हैं।

बधाण के डुंगरी गांव पहुंची राजराजेश्वरी की डोली

मां नंदा राजराजेश्वरी की लोकजात भी बुधवार को भेंटी से स्यारी बंगाली होते हुए पांचवें पड़ाव थराली के डुंगरी गांव पहुंच गई। यात्रा गांव की पगडंडियों से होते हुए नदी-नालों को पार कर आगे बढ़ रही है। डुंगरी को लोकजात का प्रमुख पड़ाव माना जाता है। यात्रा के दौरान भक्तों ने जगह-जगह मां नंदा राजराजेश्वरी की पूजा-अर्चना की। गुरुवार को यात्रा डुंगरी से कैरा मैना होते हुए सूना गांव पहुंचेगी।

बंड की नंदा डोली का पीपलकोटी के नंद्योली में हुआ देव मिलन

बंड भूम्याल नंदा की डोली सुबह नौरख से पूजा-अर्चना के बाद किसान नगर, अगथला, रैतोली व सल्ला होते कम्यार गांव पहुंची। यहां श्रद्धालुओं ने नंदा के जयकारों के साथ डोली की अगवानी की। यात्रा के दौरान पीपलकोटी के नंद्योली स्थित मां नंदा देवी मंदिर में नंदा का लोक देवताओं से भावपूर्ण मिलन हुआ। गुरुवार को डोली किरूली कोंटा पहुंचेगी।

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