उत्तर कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी तहसील में निर्माणाधीन एनएचपीसी उड़ी-1 स्टेज-2 जलविद्युत परियोजना की टनल एक बार फिर मजदूर की जान ले गई। टनल के अंदर काम के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए एक मजदूर ने बुधवार को एसकेआइएमएस सौरा में दम तोड़ दिया।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल, ग्रामीणों में आक्रोश
इस मौत ने एनएचपीसी साइट पर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि टनल के अंदर काम के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त और जरूरी एहतियाती उपाय नहीं किए गए थे। न हेलमेट और सेफ्टी गियर की समुचित व्यवस्था थी, न ही चट्टान खिसकने से रोकने के लिए कोई मजबूत सपोर्ट सिस्टम।
ग्रामीणों ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। टनल में पहले भी छोटे-बड़े हादसे होते रहे हैं, लेकिन कंपनी सबक नहीं ले रही। गरीब मजदूरों की जान की कीमत पर प्रोजेक्ट पूरा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी कंपनी और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाए।
हादसे के कारणों की जांच की जा रही
वहीं पुलिस ने इस घटना का संज्ञान ले लिया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

