भारत रत्न साइंटिस्ट प्रो. सीएनआर राव को मिला SIR का नोटिस, नाम में एक्स्ट्रा F बनी वजह
देश के जाने-माने वैज्ञानिकों में से एक प्रोफेसर सीएनआर राव को अपनी पहचान साबित करने के लिए एक सुनवाई में शामिल होने को कहा गया है। कर्नाटक में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान उनके नाम की स्पेलिंग में अंतर पाया गया।
क्या होता है सेल्फ नेम मिसमैच?
सेल्फ नेम मिसमैच (खुद के नाम में अंतर) का मतलब उस अंतर से है जो तब आता है जब 2002 की वोटर लिस्ट में शामिल कोई वोटर एसआईआर एन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय उसी लिस्ट की अपनी जानकारी का इस्तेमाल करता है, लेकिन वह जानकारी मौजूदा वोटर लिस्ट से मेल नहीं खाती।
व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे राव
ऐसे मामलों में सिर्फ उसी व्यक्ति को सुनवाई में शामिल होने की इजाजत है जिसके खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। इसलिए राव को मल्लेश्वरम में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के पास एक जगह पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया है।
बेंगलुरु में जन्मे 92 साल के वैज्ञानिक राव ने शहर के वैज्ञानिक क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। उन्हें 2014 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया और वे यह सम्मान पाने वाले तीसरे वैज्ञानिक हैं।
अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के मामले में भी स्पेलिंग में इसी तरह की गड़बड़ी पाई गई थी। हालांकि, भारत के चुनाव आयोग ने कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी गई है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

