पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने तथा युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा एक विशेष पहल शुरू की गई है। ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ के तहत सहरसा जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खरीद को प्रोत्साहित करने के लिए पात्र लाभार्थियों को भारी सब्सिडी दी जा रही है।
इसके साथ ही जिले में इलेक्ट्रिक वाहनों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Charging Infrastructure) को विकसित करने हेतु भी आर्थिक प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। सहरसा के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) सुजीत कुमार बरनवाल ने बताया कि इच्छुक लाभार्थी बिहार सरकार के परिवहन विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर इस महत्वाकांक्षी योजना का सीधा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
वर्ष 2030 तक 30 प्रतिशत ईवी सड़कों पर उतारने का लक्ष्य
जिला परिवहन अधिकारी ने योजना के दीर्घकालिक उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में कुल पंजीकृत एवं सड़कों पर चलने वाले वाहनों में कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक वाहनों की सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वाहनों की खरीद पर सीधी छूट देने के साथ-साथ जिले भर में चार्जिंग नेटवर्क के तेजी से विस्तार पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 मई 2026 के बाद खरीदे गए पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों पर निर्धारित शर्तों के तहत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
जानिए किस वाहन पर कितना मिलेगा अनुदान और टैक्स में छूट
योजना के प्रावधानों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के वाहनों पर अलग-अलग सब्सिडी का दायरा तय किया गया है:
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इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाहन: सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 50 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग के लाभार्थियों को 60 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
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इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन: सामान्य वर्ग की महिला लाभार्थियों को 12 हजार रुपये, पुरुषों को 10 हजार रुपये तथा SC/ST वर्ग के लाभार्थियों को 12 हजार रुपये प्रति वाहन अनुदान मिलेगा।
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इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहन: महिलाओं को इलेक्ट्रिक कार अपनाने पर विशेष बढ़ावा देने के लिए पात्र महिला लाभार्थियों को अधिकतम 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
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टैक्स में छूट: इलेक्ट्रिक वाहन का बिहार में पंजीकरण (Registration) कराने पर मोटर वाहन कर (Road Tax) में 50 प्रतिशत तक की सीधी छूट मिलेगी।
चार्जिंग स्टेशन लगाने पर डेढ़ लाख का इंसेंटिव, DTO ने की अपील
इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से चार्जिंग की समस्या न हो, इसके लिए चार्जिंग मशीन और उपकरणों के क्रय व स्थापना पर भी सरकारी प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। विभिन्न श्रेणियों के चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने पर पात्र व्यक्तियों या व्यावसायिक संस्थानों को डेढ़ लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने सहरसा के आम नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों से इलेक्ट्रिक वाहन अपनाकर हरित परिवहन का हिस्सा बनने की अपील की। उन्होंने शॉपिंग मॉल, होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप और निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों से अपने परिसर में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

