लीज खत्म… NCL से नई लीज नहीं… फिर भी पंप चालू! आखिर निगाही के भैरव पंप पर किसकी ‘मेहरबानी’?
सिंगरौली। नवानगर क्षेत्र के निगाही मुख्य मार्ग पर स्थित भैरव सर्विस स्टेशन पेट्रोल पंप का संचालन इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। जानकारी के मुताबिक जिस जमीन पर उक्त पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है, उसकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया है। वहीं सूत्रों के अनुसार NCL की जमीन पर नई लीज भी अब तक नहीं मिल सकी है, इसके बावजूद पेट्रोल पंप का संचालन लगातार जारी है।
मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि पेट्रोल पंप संचालन के लिए केवल पेट्रोलियम उत्पाद बेचने का लाइसेंस ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि जमीन पर वैध अधिकार, लीज तथा संबंधित वैधानिक अनुमतियों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि जब जमीन की लीज समाप्त हो चुकी है और NCL से नई लीज नहीं मिली, तो आखिर किस आधार पर भैरव सर्विस स्टेशन का संचालन जारी है?
NCL की जमीन पर अधिकार नहीं तो पंप का आधार क्या?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल NCL की जमीन को लेकर है। सूत्रों का दावा है कि जिस भूमि पर पेट्रोल पंप संचालित है, उसके संबंध में पूर्व लीज समाप्त हो चुकी है और नई लीज की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। यदि ऐसा है तो सवाल सीधे तौर पर संबंधित विभागों से है – क्या NCL ने पेट्रोल पंप संचालक को जमीन उपयोग की कोई वैध अंतरिम अनुमति दी है? यदि हां, तो वह अनुमति किस अवधि के लिए और किन शर्तों पर दी गई है? और यदि ऐसी कोई अनुमति नहीं है तो फिर पेट्रोल पंप को संचालन की अनुमति कैसे मिल रही है?

HPCL अधिकारियों की कथित मेहरबानी क्यों?
मामले में HPCL के संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। पेट्रोल पंप कंपनी के डीलरशिप रिकॉर्ड में जमीन से संबंधित दस्तावेजों की स्थिति क्या है? क्या HPCL ने वर्तमान लीज की वैधता का सत्यापन किया है? यदि लीज समाप्त हो चुकी है तो कंपनी ने क्या कार्रवाई की? सबसे बड़ा सवाल यही है कि NCL की जमीन पर लीज का मामला स्पष्ट नहीं होने के बावजूद HPCL की ओर से पेट्रोल पंप का संचालन किस आधार पर जारी रखा गया?
- क्या कंपनी के रिकॉर्ड में पुरानी लीज अभी भी वैध दिखाई जा रही है?
- क्या नए दस्तावेज जमा कराए गए हैं?
- क्या NCL से संचालन की लिखित अनुमति मौजूद है?
- अगर नहीं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं?
पेट्रोलियम नियमों के साथ जमीन के अधिकार की भी हो जांच
पेट्रोल पंप के संचालन में Petroleum Rules, 2002 तथा संबंधित लाइसेंसिंग प्रावधान लागू होते हैं। ऐसे में केवल पेट्रोलियम लाइसेंस की स्थिति देखना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जिस जमीन पर पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है, उस जमीन पर संचालक के वैध अधिकार की भी जांच आवश्यक है। यही वजह है कि भैरव सर्विस स्टेशन की NCL से संबंधित लीज, HPCL के डीलरशिप रिकॉर्ड, PESO लाइसेंस तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों की जांच कराई जानी चाहिए।

जांच हुई तो सामने आएगा असली खेल!
अगर दस्तावेजों में यह सामने आता है कि जमीन की लीज वास्तव में समाप्त हो चुकी है और NCL से नई लीज अथवा वैध अनुमति नहीं मिली है, तो फिर सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि पेट्रोल पंप इतने समय से किस आधार पर संचालित हो रहा है?
क्या किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है?
क्या कंपनी के अधिकारियों ने दस्तावेजों का सत्यापन नहीं किया?या फिर सब कुछ जानते हुए भी संचालन जारी रहने दिया गया?

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

