राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के किसान-मजदूर क्रांतिकारी मान पार्क में एकत्रित हुए।
इसके बाद हिसार सांसद जयप्रकाश जेपी, नलवा विधायक रणधीर पनिहार, बरवाला विधायक रणबीर गंगवा और हिसार विधायक सावित्री जिंदल को किसानों-मजदूरों की प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा गया।
मोर्चा नेताओं ने सभी फसलों के लिए सी2-50 प्रतिशत की दर से कानूनी एमएसपी और खरीद की गारंटी देने, किसानों-मजदूरों की व्यापक कर्जमाफी और आत्महत्या पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की।
धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति बंद हो
भारत-अमेरिका एफटीए समेत सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की भी मांग उठाई गई। मोर्चा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक एवं आंदोलन के अधिकार पर दमन बंद किया जाए और धर्म के नाम पर नफरत व विभाजन की राजनीति समाप्त की जाए।
चारों श्रम संहिताएं रद्द करने, न्यूनतम मजदूरी 31 हजार रुपये करने, मनरेगा में 200 दिन काम और 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने की मांग की गई।
रखी गईं ये मांगे
इसके अलावा बिजली निजीकरण रोकने, बीज विधेयक वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने और किसानों, आदिवासियों व वनवासियों के भूमि अधिकारों की रक्षा की मांग रखी गई।
किसानों-मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राज्यों के संघीय अधिकार व वित्तीय स्वायत्तता मजबूत करने और विभाज्य कर पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधि करेंगे पुलिस अधीक्षक से मुलाकात
संयुक्त किसान मोर्चा हिसार के प्रतिनिधि 8 सितंबर को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल में महिला सफाई कर्मियों के साथ पुलिस के व्यवहार का मुद्दा उठाया जाएगा। मोर्चा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा।इस अवसर पर शमशेर सिंह नंबरदार, सरदानंद राजली, राजीव मलिक, ईश्वर वर्मा बाडोपट्टी, अनिल बैंदा, सतपाल शर्मा, सुरेंद्र मान, देवेंद्र सिंह लौरा, साधुराम, ओमप्रकाश लाडवा, रोशन लाल, सुबेर सिंह, राममेहर लाडवा, पप्पू मिस्त्री, महेंद्र बैंदा और सुभाष जांगू सहित अनेक किसान-मजदूर मौजूद रहे।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

