सरई क्षेत्र में दिनदहाड़े दौड़ रहे अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर! साहब अंजान? आखिर कार्रवाई कब?
सिंगरौली। जिले के सरई क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्रीय सूत्रों का दावा है कि साहब के कारखास के इशारे पर धिरौली, फाटपानी, गजरा बहरा, गोरा, जठाटोला और कोनी सहित कई नदी-नालों से लगातार रेत का उत्खनन किया जा रहा है। ये कारखास कौन है ये पूरे क्षेत्र के लोग और इससे जुड़े लोग भली भाती जानते हैं। आरोप है कि दिनदहाड़े रेत से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली मुख्य मार्गों से गुजरते दिखाई देते हैं, जिससे क्षेत्र में कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

सूत्र बताते हैं कि सुबह से लेकर देर शाम तक नदी-नालों में रेत निकालने का काम चलता है और उसके बाद ट्रैक्टरों के माध्यम से परिवहन किया जाता है। आपको बता दें कि ये गतिविधियां बिना वैध अनुमति के संचालित हो रही हैं, तो इससे न केवल शासन को राजस्व हानि हो सकती है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जल स्रोतों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि भारी ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही से ग्रामीण सड़कों की हालत खराब हो रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि अवैध खनन से जुड़े कुछ लोगों को संरक्षण मिलने के कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में आवश्यक है कि सरई थाना पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक करें, ताकि अफवाहों और वास्तविकता के बीच का अंतर स्पष्ट हो सके।

यदि क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन वास्तव में हो रहा है, तो यह केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं बल्कि सरकारी राजस्व के लिए भी गंभीर चुनौती है। अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या कथित अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

