हिमाचल प्रदेश की वादियां देश ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप के सैलानियों की भी पसंद बनती जा रही हैं। प्रदेश में आने वाले विदेशी पर्यटकों के आंकड़े इस बढ़ते रुझान की तस्वीर पेश कर रहे हैं। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के अनुसार पिछले तीन वर्षों और 2026 में एक अगस्त तक प्रदेश में कुल 7,59,05,479 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया है। इनमें 2,64,824 विदेशी पर्यटक शामिल हैं।
इससे साफ है कि हिमाचल अब विदेशी पर्यटकों के लिए केवल प्राकृतिक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पुरानी यादों और पारिवारिक इतिहास से जुड़ा गंतव्य भी बन रहा है।
ब्रिटिश दौर की यादें भी जुड़ी
ब्रिटेन से आने वाले कुछ सैलानियों के लिए हिमाचल का रिश्ता केवल पहाड़ों की खूबसूरती तक सीमित नहीं है। शिमला, डलहौजी और प्रदेश के अन्य पुराने पर्यटन स्थलों से ब्रिटिश दौर की कई यादें जुड़ी हैं। ऐसे में कुछ विदेशी पर्यटक अपने पूर्वजों से जुड़े स्थानों, पुराने भवनों और उन क्षेत्रों को देखने के लिए भी हिमाचल का रुख करते हैं, जहां उनके परिवार के सदस्य कभी रहे या काम कर चुके हैं।
विशेष रूप से शिमला का औपनिवेशिक इतिहास ब्रिटेन के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां के पुराने भवन, चर्च, कब्रिस्तान, ऐतिहासिक रास्ते और ब्रिटिशकालीन विरासत उनके लिए पर्यटन के साथ इतिहास को करीब से जानने का अवसर भी उपलब्ध कराते हैं।
डलहौजी सहित प्रदेश के अन्य पुराने हिल स्टेशनों में भी ब्रिटिश दौर की विरासत विदेशी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहती है।
हिमाचल का आकर्षण
पर्यटन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि हिमाचल का आकर्षण अलग-अलग देशों के पर्यटकों के बीच बना हुआ है। प्राकृतिक सौंदर्य के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक और औपनिवेशिक विरासत विदेशी सैलानियों को यहां आने के लिए आकर्षित कर रही है।
अमेरिका और यूरोप से भी बड़ी संख्या में पर्यटक
आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन के बाद अमेरिका विदेशी पर्यटकों के आगमन में दूसरे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया, जर्मनी, फ्रांस, कनाडा और स्विट्जरलैंड जैसे देशों से भी पर्यटकों की अच्छी संख्या हिमाचल पहुंच रही है। इसके अलावा श्रीलंका से 5,578, मलेशिया से 5,713, इटली से 5,001, बांग्लादेश से 3,989, सिंगापुर से 3,522 और जापान से 2,765 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

