रेलवे में अब ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) में असफल होने पर भी सेवा समाप्त नहीं होगी। अनुकंपा के आधार पर मिली नौकरी चलती रहेगी। रेलवे बोर्ड ने अनुकंपा की नियुक्तियों पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब यदि कोई कर्मचारी नियुक्ति के बाद निर्धारित आवश्यक ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी नहीं कर पाता है, तो उसकी सेवा सीधे समाप्त करने की बजाय उसे वैकल्पिक पद देने पर विचार किया जा सकता है।
हालांकि, वैकल्पिक पद के लिए कर्मचारी के पास संबंधित निर्धारित शैक्षिक योग्यता और मेडिकल फिटनेस होना आवश्यक होगा। साथ ही, उसे उस पद के लिए उपयुक्त पाया जाना भी जरूरी होगा। रेलवे बोर्ड का यह स्पष्टीकरण उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें परिवार के आश्रित सदस्य के रूप में अनुकंपा के आधार पर रेलवे में नियुक्ति मिलती है, लेकिन बाद में नियुक्त पद से संबंधित अनिवार्य ट्रेनिंग पूरी करने में कठिनाई आती है।
बोर्ड ने अपने निर्णय में सेवा समाप्ति के बजाय वैकल्पिक रोजगार का रास्ता खुला रखने की व्यवस्था स्पष्ट की है। इससे ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है, जो ट्रेनिंग संबंधी शर्त पूरी नहीं कर पाने के कारण नौकरी गंवाने की स्थिति में पहुंच जाते थे। आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) और नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे (एनएफआइआर) ने बोर्ड के इस निर्णय का स्वागत किया है।एआइआरएफ के जोनल सेक्रेटरी ओंकार नाथ सिंह ने बताया है कि जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने इस प्रकरण को बोर्ड के समक्ष उठाया था। एनएफआइआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार कहा है कि फेडरेशन के संघर्षों के चलते अनुकंपा पर नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

