महिला स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। विस्तारित सूची में 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात संबंधी प्रक्रिया, हिस्टेरोटामी, गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए अस्पताल में भर्ती और नाबालिग लड़कियों, अविवाहित यौन रूप से निष्क्रिय महिलाओं और यौन शोषण की पीड़िताओं की एनेस्थीसिया के तहत जांच को शामिल किया गया है। इन सेवाओं के शामिल होने से जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को और अधिक आसानी से एवं समय पर इलाज मिल सकेगा। इसी तरह नेत्र रोग और आर्थोपेडिक सेवाओं को भी मजबूत किया गया है। अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी आंखों से संबंधित प्रक्रियाएं भी निजी अस्पतालों में कराई जा सकेंगी। वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों को टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों के इलाज और टखने के फ्रैक्चर के आपरेशन जैसी सर्जरी का लाभ मिलेगा। पैकज रेट 27800 रुपये तक किए गए निर्धारित इन नई प्रक्रियाओं के पैकेज रेट 2,000 रुपये से 27,800 रुपये तक निर्धारित किए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में लगभग 65 लाख परिवार इस योजना के तहत कवर किए जा चुके हैं। इस समय 824 अस्पताल, जिनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और सूचीबद्ध निजी अस्पताल शामिल हैं, योजना के तहत इलाज प्रदान कर रहे हैं। लगभग 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 17 और मेडिकल प्रक्रियाओं को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अकेले रहने वाले व्यक्तियों को भी इसमें शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इससे खासकर उन जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं सीमित हैं या सरकारी अस्पतालों पर अधिक मरीजों की निर्भरता है। उन्होंने कहा इससे बड़े सरकारी अस्पतालों पर दबाव घटेगा, प्रतीक्षा समय कम होगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।’

नई स्वीकृत प्रक्रियाएं विभिन्न मेडिकल विशेषताओं से संबंधित हैं, जिससे लोगों को भीड़-भाड़ वाले बड़े अस्पतालों में परेशान होने की बजाय अपने घर के नजदीक ही इलाज मिल सकेगा। कान, नाक और गला (ईएनटी) इलाज के तहत अब सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में नाक की हड्डी के फ्रैक्चर की सेटिंग और एडेनोइडेक्टोमी जैसे ऑपरेशन कराए जा सकेंगे।

लिस्ट में ये इलाज शामिल

ये आम ऑपरेशन हैं, जिनमें खास तौर पर बच्चों और दुर्घटना पीड़ितों के लिए समय पर इलाज जरूरी होता है। जनरल सर्जरी के क्षेत्र में सबसे बड़ा विस्तार किया गया है। हाइड्रोसील ऑपरेशन, फोड़े का इलाज, एपेंडिक्स सर्जरी और ओपन तथा लैप्रोस्कोपिक दोनों तरह की गाल ब्लैडर सर्जरी अब योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों की प्रतीक्षा घटेगी और घर के नजदीक इलाज का लाभ मिलेगा।

महिला स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। विस्तारित सूची में 12 सप्ताह से अधिक समय के गर्भपात संबंधी प्रक्रिया, हिस्टेरोटामी, गर्भावस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए अस्पताल में भर्ती और नाबालिग लड़कियों, अविवाहित यौन रूप से निष्क्रिय महिलाओं और यौन शोषण की पीड़िताओं की एनेस्थीसिया के तहत जांच को शामिल किया गया है। इन सेवाओं के शामिल होने से जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को और अधिक आसानी से एवं समय पर इलाज मिल सकेगा। इसी तरह नेत्र रोग और आर्थोपेडिक सेवाओं को भी मजबूत किया गया है।

अब पटेरीजियम एक्सीजन और एंट्रोपियन करेक्शन जैसी आंखों से संबंधित प्रक्रियाएं भी निजी अस्पतालों में कराई जा सकेंगी। वहीं ऑर्थोपेडिक मरीजों को टेंडन रिलीज, छोटे जोड़ों की चोटों के इलाज और टखने के फ्रैक्चर के आपरेशन जैसी सर्जरी का लाभ मिलेगा।

पैकज रेट 27800 रुपये तक किए गए निर्धारित

इन नई प्रक्रियाओं के पैकेज रेट 2,000 रुपये से 27,800 रुपये तक निर्धारित किए गए हैं। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में लगभग 65 लाख परिवार इस योजना के तहत कवर किए जा चुके हैं। इस समय 824 अस्पताल, जिनमें सरकारी, केंद्र सरकार के और सूचीबद्ध निजी अस्पताल शामिल हैं, योजना के तहत इलाज प्रदान कर रहे हैं। लगभग 2,300 बीमारियों और मेडिकल प्रक्रियाओं को कवर किया जा रहा है।

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