PM के सलाहकार तरुण कपूर ने किया CBM परियोजना का निरीक्षण, अक्टूबर 2027 तक व्यावसायिक उपयोग शुरू होने की उम्मीद

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PM Advisor Tarun Kapoor प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने बीसीसीएल के मुनीडीह कोलियरी में संचालित Coal Bed Methane (CBM) Project, Munidih का निरीक्षण किया। उन्होंने मीथेन गैस के निष्कर्षण, उसके संभावित व्यावसायिक उपयोग तथा खदानों में सुरक्षा की दृष्टि से इसके महत्व पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

मीथेन परियोजना में कार्यरत प्रभा एनर्जी लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड राजीव लोचन ने तरुण कपूर एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली, गैस निष्कर्षण की प्रक्रिया एवं अब तक की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी।

कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सुनील सिंह, असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट सिद्धार्थ भुइयां तथा महाप्रबंधक (आपरेसन्स) अंबिका प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। तरुण कपूर ने कहा कि जहां भी कोल बेड मीथेन गैस उपलब्ध है, वहां उसे सुरक्षित तरीके से निकालकर उपयोग में लाने की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए।

CBM उर्जा का वैकल्पिक श्रोत

प्रधानमंत्री के सलाहकार धनबाद के दाैरे पर हैं। उन्होंने सोमवार को बीसीसीएल की समीक्षा की। इसके बाद शाम को मुनीडीह पहुंचे। सीबीएम परियोजना का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने कहा-इससे एक ओर जहां मीथेन गैस के कारण खदानों में होने वाले संभावित हादसों को रोकने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर इसका उपयोग ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि कोल इंडिया को भी गैस उपलब्ध होने वाले क्षेत्रों में इसके निष्कर्षण का अधिकार दिया गया है। पाइपलाइन के माध्यम से निकाली गई गैस का उपयोग घरों में ईंधन के रूप में तथा सीएनजी की तरह वाहनों में भी किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2027 तक इसके व्यावसायिक उपयोग शुरू होने की संभावना है। इसके बाद वे मुनीडीह परियोजना पहुंचे, जहां अधिकारियों ने स्वागत किया। परियोजना पदाधिकारी डा. सन्नी राव ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से खनन गतिविधियों, आधुनिक लान्गवाल तकनीक तथा मीथेन एक्सट्रैक्शन परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।

500 मीटर गहरे खदान में उतरे पीएम के सलाहकार

कपूर ने मुनीडीह भूमिगत खदान का निरीक्षण किया। उन्होंने करीब 500 मीटर जमीन के नीचे जाकर भूमिगत खदान में जाकर लोकोमोटिव के माध्यम से लान्गवाल फेस का जायजा लिया। उन्होंने कोयला कटिंग एवं उत्पादन प्रक्रिया को करीब से देखा तथा खदान कर्मियों से बातचीत कर उनके कार्य और अनुभवों की जानकारी ली।

उन्होंने आधुनिक खनन तकनीक, लान्गवाल उत्पादन प्रणाली, स्वच्छ ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मुनीडीह का यह निरीक्षण बीसीसीएल एवं प्रभा एनर्जी लिमिटेड की ओर से मीथेन गैस के सुरक्षित निष्कर्षण और उसके व्यावसायिक उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मौके पर सीआईएल अध्यक्ष बी. साईराम, संयुक्त सचिव कपड़ा मंत्रालय अलकनंदा दयाल, ईडी एनएमसीजी बिजेंद्र स्वरूप, परियोजना सलाहकार मंत्रालय आलोक कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई एसके आर्य, निदेशक (मानव संसाधन) एनटीसी आशुतोष गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुनीडीह के महाप्रबंधक सुनील कुमार पांजा, एरिया सेफ्टी आफिसर विद्या शंकर वर्णवाल, एरिया इंजीनियर प्रभात रंजन झा,वीटीसी मैनेजर सीताराम रावत, इंदु के निदेशक सुब्रमण्यम रेड्डी सहित मुनीडीह परियोजना के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।

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