पश्चिम एशिया में महीनेभर की शांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच फिर जंग छिड़ गई है। अमेरिकी सेना ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट में दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया, जो पिछले एक महीने में ईरान के खिलाफ अमेरिका की यह पहली सैन्य कार्रवाई है।
एपी के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता टिम हाकिंस ने दावा किया कि रिवोल्यूशरी गार्ड कोर के बलों को होर्मुज स्ट्रेट में राकेट दागने और समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी करते देखा गया था। अमेरिकी सेना ने होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्गों से समुद्री सुरंगें हटाने का काम पिछले सप्ताह ही पूरा किया था।
जबकि ईरानी समाचार एजेंसियों ने होर्मुज में लारक द्वीप के पास धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर दी। इसके बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कुछ दृश्य दिखाते हुए दावा किया कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
इधर, जार्डन की सेना ने सोमवार तड़के अपने हवाई क्षेत्र में आठ मिसाइलों को नष्ट करने का दावा किया। जबकि यूएई की वायुसेना ने सोमवार को अपने जलक्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोकने का दावा किया। पश्चिम एशिया में खुले तौर पर फिर युद्ध शुरू होना क्षेत्र के लिए खतरनाक माना जा रहा है।
अमेरिका-इजरायल की ओर से 28 फरवरी को युद्ध शुरू किए जाने के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाता रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अगस्त को कहा था कि वह खाड़ी के सहयोगी देशों कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आग्रह पर सेना को ईरान पर हमले रोकने का आदेश देंगे।
रॉयटर्स के मुताबिक, ईरान के सरकारी मीडिया ने रिवोल्यूशरी गार्ड के एक बयान के हवाले से कहा कि हमले में कई सैनिक और नागरिक मारे गए व घायल हुए। तेहरान की ओर से इसका जवाब और सजा दी जाएगी। ईरान की अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बताया कि अमेरिका ने द्वीप पर ड्रोन से हमला किया।
खार्क द्वीप को तबाह करने के ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा केंद्र खार्क द्वीप को तबाह करने का दावा किया है। उन्होंने रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा करने के साथ एआई जनित वीडियो क्लिप को साझा किया।
ट्रंप ने एक लाइन की पोस्ट में कहा, ‘खार्क द्वीप के टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं।’ हालांकि इसके अलावा उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया।
ट्रंप की ओर से साझा वीडियो क्लिप में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस द्वीप पर बड़े-बड़े धमाके नजर आ रहे हैं। गत फरवरी के आखिर में युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के करीब 90 प्रतिशत तेल का निर्यात इसी द्वीप के माध्यम से होता था।
इधर, ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है। सरकारी नेशनल ईरानी आयल कंपनी के मुख्य कार्यकारी हामिद बोवार्ड ने सोमवार को कहा, ‘ट्रंप की पोस्ट हंसी के लायक है। खार्क में हालात शांत और सामान्य हैं।’

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

