चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप: रामघाट डूबा, बस्तियों में घुसा पानी
मंदाकिनी नदी ने शनिवार सुबह ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि महज तीन घंटे 15 मिनट में जलस्तर पांच मीटर बढ़ गया। सुबह पौन सात बजे रामघाट पर 125.700 मीटर रहा जलस्तर 10 बजे तक बढ़कर 130.700 मीटर पहुंच गया। सुबह 7:10 बजे ही नदी खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गई।
खतरे के निशान से 4.2 मीटर ऊपर पहुंचा जलस्तर, रामघाट डूबा
मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों और चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ की स्थिति लगातार विकराल होती जा रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
स साल की सबसे बड़ी बाढ़, तीन घंटे में पांच मीटर उफनी मंदाकिनी
डीएम पुलकित गर्ग, एसपी अरुण कुमार सिंह और एसडीएम सदर अजय कुमार ने टीमों के साथ स्थिति का जायजा लिया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट किया। मंदाकिनी के बढ़ते तेवर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह 6:45 बजे जलस्तर 125.700 मीटर था। 7 बजे 126.300 और 7:10 बजे 126.500 मीटर पहुंच गया।
इसके बाद 7:20 बजे 126.850, 7:30 बजे 127.300 और आठ बजे 128.200 मीटर दर्ज किया गया। 8:30 बजे 128.900, नौ बजे 129.400, 9:30 बजे 130 मीटर और 9:45 बजे 130.400 मीटर पहुंच गया। दस बजे जलस्तर 130.700 मीटर दर्ज किया गया।
2003 के रिकॉर्ड की बढ़ी चिंता
इस साल एक सप्ताह पहले नदी का जलस्तर 129.200 मीटर तक पहुंचा था, लेकिन शनिवार को उसने यह स्तर भी पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2003 में मंदाकिनी 134.500 मीटर के हाई फ्लड लेवल तक पहुंची थी। लगातार बारिश जारी रहने पर पुराने रिकार्ड की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

