कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेजी देते हुए जिला कमेटियों का गठन करने के साथ ही ब्लाक प्रधान नियुक्त कर दिए हैं। पार्टी के जम्मू कश्मीर प्रभारी व राज्यसभा के सदस्य डा. सैयद नासिर हुसैन श्रीनगर का दो दिवसीय दौरा समेट कर दिल्ली लौट गए हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने प्रदेश प्रधान तारिक हमीद करा के साथ बैठकें कर जिला कमेटियों के पदाधिकारियों के नामों की घोषणा करने के साथ अधिकतर ब्लाक भी कवर कर लिए हैं। ब्लाक प्रधान बना दिए गए हैं।
अगला लक्ष्य जम्मू कश्मीर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन
पार्टी का अब अगला लक्ष्य जम्मू कश्मीर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाना है। तारिक हमीद करा को प्रदेश प्रधान बने हुए दो साल का समय हो गया हैे। चूंकि जिला व ब्लाक इकाइयों का गठन हो गया है तो अब जल्द ही कार्यकारिणी बनेगी। इस पर मंथन हो चुका है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रभारी को प्रदेश प्रधान की तरफ से जानकारी दी गई है। वह हाईकमान के साथ विचार विमर्श करके नाम फाइनल करेंगे।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए
कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और कानून के शासन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के जम्मू कश्मीर प्रभारी व सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि सरकार भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और लोकतंत्र की जननी बताती है, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी में सामने आया एक मामला इस दावे की वास्तविकता पर सवाल खड़े करता है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पेलेट फायरिंग का शिकार हुए एक छात्र को एफआईआर दर्ज कराने के लिए अपने माता-पिता और दोस्तों के साथ कई बार संसद मार्ग पुलिस थाने के चक्कर लगाने पड़े।
जब किसी अपराध की शिकायत सामने आती है तो एफआईआर दर्ज करना पुलिस का बुनियादी कानूनी दायित्व है। यदि जांच के दौरान शिकायत में कोई तथ्य नहीं पाया जाता है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन कई सप्ताह तक एफआईआर दर्ज नहीं करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।
छात्र की FIR में देरी पर कांग्रेस हमलावर
उन्होंने दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के हस्तक्षेप के बाद करीब छह घंटे तक चले प्रयासों के पश्चात आखिरकार एफआईआर दर्ज की गई। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और जवाबदेही की स्थिति का चिंताजनक उदाहरण बताते हुए कहा कि जब एक छात्र को एफआईआर दर्ज कराने के लिए हफ्तों संघर्ष करना पड़े और विपक्ष के नेता को भी पुलिस थाने में घंटों बैठना पड़े, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि देश में कानून का शासन किस स्थिति में है।
उन्होंने कहा कि न्याय, जवाबदेही और कानून के समान अनुपालन लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं और किसी भी नागरिक को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए इस तरह संघर्ष नहीं करना चाहिए।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

