कोसी नदी के उफान से कटी बिहार की ‘लाइफलाइन’ सड़क; नदी में समाए 12 से अधिक घर, दर्जनों गांवों का संपर्क पूरी तरह भंग
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी उफान पर है। उफनाती कोसी ने सहरसा और आसपास के निचले इलाकों में भारी तबाही मचानी शुरू कर दी है। नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर दर्जनों पंचायतों को जोड़ने वाली ‘लाइफलाइन’ मानी जाने वाली बिरजाइन-महुआ चाही सड़क बिरजाइन वार्ड एक के पास नदी में समा गई है।
सड़क का बड़ा हिस्सा कटने से कई गांवों का संपर्क प्रखंड व जिला मुख्यालय से पूरी तरह भंग हो गया है। नदी की मुख्य धारा सत्तौर पंचायत के बिरजाइन गांव में तेजी से कटाव कर रही है, जिससे अब तक 12 से अधिक आशियाने कोसी की तेज धारा में लील हो चुके हैं।
वीरपुर बराज से 1.86 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, निचले इलाकों में फैला पानी
सुपौल स्थित वीरपुर बराज पर कोसी नदी का डिस्चार्ज 1 लाख 86 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने से सरायगढ़-भपटियाही और नवहट्टा के आधा दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। निचले इलाकों में पानी भर जाने से कई संपर्क मार्ग डूब गए हैं, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
200 फीट सड़क कटी, इन गांवों का संपर्क टूटा
बिरजाइन-महुआ चाही पथ का करीब 200 फीट लंबा हिस्सा नदी की तेज धारा में बह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराए गए, तो पूरी सड़क नदी में विलीन हो जाएगी। इस सड़क के कटने से निम्नलिखित गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय और बलुआहा पुल मुख्य मार्ग से पूरी तरह टूट गया है:
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प्रभावित गांव: महुआ चाही, गोविंदपुर चाही, शीतली, रामनगर, शाहपुर चाही, भेलाही, कोयला, बरुआही, सत्तौर, रसलपुर, गढ़िया, परताहा और तितली।
प्रशासन से मदद न मिलने पर ग्रामीणों में आक्रोश
कटाव प्रभावित ग्रामीण बिलास यादव, अमर यादव, ढलाई सदा, उपेंद्र सदा, मोहित सदा और रजनीश कुमार ने बताया कि बीते दो दिनों से भीषण कटाव जारी है। लोग अपनी जान-माल और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को मजबूर हैं। पीड़ितों का आरोप है कि इस संकट की घड़ी में स्थानीय प्रशासन ने अब तक उनकी कोई सुध नहीं ली है।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

