हत्या, लूट, धमकी, रंगदारी जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में पुलिस के लिए चुनौती बना प्रतापगढ़ का शातिर बदमाश भानु प्रताप दुबे 12 वर्षाें के बाद पुलिस की पकड़ में आ गया। उसे स्वाट टीम और नगर कोतवाली पुलिस ने शनिवार को लालगंज के धधुआ गाजन से दबोचा। इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
नाम बदलकर गुजरात के सूरत में छिपा था
संगियापुर लालगंज निवासी भानु प्रताप दुबे उर्फ महराज उर्फ विक्की पुत्र राम विशाल दुबे 2014 में नगर कोतवाली पुलिस की कस्टडी से भाग गया था। वह नाम-पता व पिता का नाम बदलकर 203 किमावती कांपलेक्स, थाना किम, सूरत गुजरात में रहकर ट्रक चलाने लगा था।
गैंग्सटर समेत 19 गंभीर केस दर्ज हैं
एसपी दीपक भूकर ने प्रेस वार्ता में बताया कि भानु पेशेवर अपराधी है। इस पर अब तक कोतवाली लालगंज, सांगीपुर, जीआरपी समेत विभिन्न थानों में 19 गंभीर केस दर्ज हैं। इसमें गैंग्सटर एक्ट भी शामिल है। यक्ष एप पर अपराधियों के सत्यापन के अभियान में उसके बारे में क्लू मिला। इसके बाद स्वॉट प्रभारी अमित कुमार चौरसिया, दारोगा विजेंद्र सिंह ने टीम के साथ उसे पकड़ा।


